हादसा, लापरवाही या फिर कोई गहरी साजिश..? पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें:
विनोद वैष्णव
स्मार्ट हलचल।भीलवाड़ा जिले के पंडेर थाना क्षेत्र के टीठोडा माफी गांव में पिछले तीन दिनों से एक ही नाम हर जुबान पर था आरामी
हर गली, हर चौपाल और हर घर की निगाहें उस मासूम बेटी की राह देख रही थीं, जो घर से भैंस और बकरियां चराने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी
शुक्रवार सुबह गांव के समीप एक खेत पर बने फार्म पॉन्ड में 14 वर्षीय आरामी धोबी का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई जिस बेटी की सकुशल वापसी के लिए लोग मंदिरों में दुआ कर रहे थे, उसकी मौत की खबर ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया आरामी शाहपुरा उपखंड क्षेत्र के बछखेड़ा गांव निवासी ओमप्रकाश धोबी की पुत्री थी बताया जा रहा है कि वह बचपन से ही अपने ननिहाल में मामा सांवरिया और प्रभुलाल धोबी के पास टीठोडा माफी गांव में रह रही थी आरामी की अचानक हुई मौत से न केवल टीठोडा माफी बल्कि उसके पैतृक गांव बछखेड़ा में भी शोक की लहर दौड़ गई
*भैंस-बकरियां लौट आईं… लेकिन आरामी नहीं लौटी*
जानकारी के अनुसार आरामी तीन दिन पहले बधुवार सुबह रोजाना की तरह घर से भैंस और बकरियां चराने के लिए निकली थी शाम तक पशु तो अपने आप घर लौट आए, लेकिन आरामी वापस घर नहीं पहुंची पहले परिजनों ने अपने स्तर पर आसपास तलाश की, लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिलने पर चिंता बढ़ गई धीरे-धीरे गांव के लोग भी तलाश में जुट गए रातभर ग्रामीण टॉर्च लेकर खेतों, जंगलों और सुनसान रास्तों पर मासूम को खोजते रहे, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला
*तीन दिन तक चला सर्च ऑपरेशन, गांव का हर व्यक्ति बना तलाश टीम का हिस्सा*
आरामी के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पंडेर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया
पिछले तीन दिनों तक गांव के लोग अलग-अलग टीम बनाकर जंगलों, खेतों, नालों, और आसपास के हर संभावित क्षेत्र में तलाश करते रहे हर गुजरते घंटे के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी
मां-बाप और मामा परिवार की आंखें हर रास्ते पर टिकी थीं गांव की महिलाएं मंदिरों में दुआ कर रही थीं, जबकि ग्रामीण लगातार तलाश अभियान में जुटे हुए थे
पूरा गांव बस एक उम्मीद लगाए बैठा था कि आरामी किसी तरह सही-सलामत वापस लौट आएगी
*फार्म पॉन्ड में दिखा शव… और थम गई गांव की सांसें*
शुक्रवार को भी पुलिस और ग्रामीण संयुक्त रूप से तलाश अभियान चला रहे थे इसी दौरान गांव के समीप एक खेत पर बने फार्म पॉन्ड में आरामी का शव तैरता दिखाई दिया
ग्रामीण जब पास पहुंचे तो अरामी का यह दृश्य देखते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए और पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया
जिस बेटी को तीन दिन तक जिंदा ढूंढा जा रहा था, उसकी मौत की खबर ने पूरे गांव को अंदर तक तोड़ दिया
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया
*हादसा, लापरवाही या फिर कोई रहस्य..? उठ रहे कई सवाल*
आरामी का शव फार्म पॉन्ड में मिलने के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं क्या मासूम गलती से पानी में गिर गई…?
क्या यह केवल एक हादसा है…?
या फिर इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है…?
गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं वहीं पुलिस भी अब मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है पुलिस घटनास्थल और आसपास के हालात का बारीकी से निरीक्षण कर रही है ताकि मौत के पीछे की असली वजह सामने लाई जा सके
*पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार, अंत तक मौजूद रहा पुलिस जाब्ता*
तलाश अभियान के दौरान पंडेर थानाधिकारी कमलेश मीणा, एसआई चेतन प्रकाश, एसआई अर्जुन, हेमसिंह, महिला कॉन्स्टेबल ममता सहित पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद रहा शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की इसके बाद आरामी के शव को पोस्टमार्टम के लिए पंडेर मोर्चरी में रखवाया गया पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया गया, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया अंतिम संस्कार तक पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद रहा और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी
*दो गांवों में पसरा मातम, हर आंख हुई नम*
आरामी की मौत से टीठोडा माफी गांव सहित उसके पैतृक गांव बछखेड़ा में भी गहरा शोक व्याप्त है तीन दिनों तक जिस बेटी की सलामती के लिए लोग मंदिरों में दुआ कर रहे थे, आखिरकार उसकी मौत की खबर ने पूरे माहौल को गम में बदल दिया गांव में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है मासूम आरामी की मौत ने दोनों गांवों को गहरे दुख में डुबो दिया है
