सिंधु दर्शन यात्रा राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक
लेह-लद्दाख में 23 से 27 जून तक आयोजित होगा प्रथम सिंधु कुम्भ, राजस्थान से जाएंगे 200 यात्री
कोटा।स्मार्ट हलचल।लेह-लद्दाख में 23 से 27 जून तक आयोजित होने वाले प्रथम सिंधु कुम्भ एवं सिंधु दर्शन यात्रा में इस वर्ष हाड़ौती अंचल से 28 यात्री भाग लेंगे। यात्रा को लेकर शुक्रवार को कोटा में यात्रियों का सम्मान एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
हिमालय परिवार राजस्थान के प्रदेश महामंत्री एवं सिंधु दर्शन यात्रा समिति के प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदानंद पारीक ने बताया कि इस वर्ष राजस्थान से लगभग 200 यात्री सिंधु दर्शन यात्रा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा प्रत्येक यात्री को 15 हजार रुपए की अनुदान राशि (सब्सिडी) भी प्रदान की जाएगी।
कोटा में प्रदेश मंत्री रमेश शर्मा के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में हाड़ौती क्षेत्र के यात्रियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर रमेश शर्मा एवं कल्पना पारीक ने यात्रियों को यात्रा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शुभकामनाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं केवल धार्मिक आस्था का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और भारतीय परंपराओं से जुड़ाव को भी सुदृढ़ करती हैं।
सच्चिदानंद पारीक ने बताया कि सिंधु दर्शन यात्रा पिछले लगभग तीन दशकों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और हिमालय परिवार के संरक्षक डॉ. इंद्रेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित होती रही है। यह यात्रा भारतीय सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रभावना और हिमालयी सभ्यता के प्रति श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि 23 से 27 जून तक आयोजित होने वाली इस वर्ष की सिंधु दर्शन यात्रा के लिए देशभर से लगभग चार हजार यात्रियों ने पंजीकरण कराया है, जिससे यात्रा को लेकर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।
