कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का जबरदस्त प्रदर्शन, लाखेरी की 110 साल पुरानी एसीसी सीमेंट फैक्ट्री फिर चालू करने की मांग।

 

विधायक चांदना एवं प्रेमी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने दिया कलेक्ट्रेट गेट पर धरना. आधा घंटे सरकार के खिलाफ की नारेबाज़ी

बूंदी:स्मार्ट हलचल।कांग्रेस ने दो माह से बंद लाखेरी स्थित एसीसी सीमेंट फैक्ट्री फिर शुरू करने की मांग लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया. जिलेभर से पहुंचे कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए एवं फैक्ट्री तत्काल शुरू करने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान कई बार माहौल गरमाया. मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग के चलते प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर में नहीं घुस पाए.

प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा: हिंडौली विधायक अशोक चांदना और केशवरायपाटन एमएलए सीएल प्रेमी की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे. इनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे. कलेक्ट्रेट पर पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था और मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग थी. प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर में जाकर ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बाहर ही रोक दिया. इस पर कार्यकर्ता और नेता मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा, कलेक्ट्रेट के अंदर जाने दो या प्रशासन का कोई अधिकारी बाहर आकर उनसे ज्ञापन ले. आधे घंटे चले प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा बाहर आए, जिन्हें प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लाखेरी की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री केवल औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि जिले की पहचान और ऐतिहासिक धरोहर है. इसे किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा.

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छावनी बना कलेक्ट्रेट परिसर: प्रदर्शन को देखते प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा. कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया. दो एएसपी, तीन डिप्टी तथा आधा दर्जन थाना अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा. आरएसी की एक कंपनी तथा रिजर्व पुलिस बल को भी बुलाया गया.

110 वर्ष पुरानी लाखेरी एसीसी केवल फैक्ट्री नहीं, बूंदी की शान।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए चांदना बोले, करीब 110 वर्ष पुरानी लाखेरी की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री देश की उन चुनिंदा औद्योगिक इकाइयों में शामिल है, जिनका इतिहास आजादी से पहले का है. ऐसी विरासत का बंद होना न केवल लाखेरी बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा. यह फैक्ट्री लाखेरी की पहचान रही है. हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है. उन्होंने आरोप लगाया, सरकार और कंपनी प्रबंधन इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे. इस कारण क्षेत्र में असमंजस और बेरोजगारी का संकट गहरा रहा है.

आखिरी सांस तक लड़ेंगे हिंडोली विधायक चांदना ने चेताया कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस धरोहर को बचाने को आखिरी सांस तक संघर्ष करेगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार एक माह में कंपनी प्रबंधन से बात कर स्पष्ट करे कि आखिर फैक्ट्री बंद करने की नौबत क्यों आई? उन्होंने कहा, सरकार बताए कि कमी उसकी है या कंपनी की. लाखेरी की यह फैक्ट्री किसी भी हालत में बंद नहीं होनी चाहिए. यदि एक महीने में समाधान नहीं निकला तो यहां से ऐसा आंदोलन उठेगा, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी. फिर उसे नियंत्रित करना सरकार के बस में नहीं होगा. विधायक प्रेमी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों पर संकट है. 110 साल पुरानी फैक्ट्री बंद होने का सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ेगा. लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी. प्रेमी ने चेताया कि एक माह में सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी. पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा एवं युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष निशांत नुवाल ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर कंपनी प्रबंधन से वार्ता कर फैक्ट्री फिर संचालित कराने की मांग की.