रोशन अली बावा साहब उर्स कमेटी ने किया भव्य इस्तकबाल, गुलपोशी व साफ़ा बंधवाकर किया सम्मान
निंबाहेड़ा, 2 जून 2026
स्मार्ट हलचल।केली वाले बाबा सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित हज़रत इब्राहिम शाह उर्फ़ हज़रत केली वाले मियां साहब (र.अ.) के तीन दिवसीय सालाना उर्स मुबारक का मंगलवार को अकीदत, मोहब्बत और रूहानियत भरे माहौल में शुभारंभ हुआ। उर्स के प्रथम दिन निकाले गए चादर शरीफ़ के भव्य जुलूस में बड़ी संख्या में जायरीन, अकीदतमंदों एवं समाजजनों ने शिरकत कर दरगाह पर चादर पेश कर मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगी।
उर्स कार्यक्रम के तहत प्रातः 9 बजे हज़रत घोड़ा देह बावा साहब एवं हज़रत रोशन अली बावा साहब की दरगाह पर चादर शरीफ़ पेश की गई। इसके पश्चात बाद नमाज़ असर बाग वाली मस्जिद परिसर से ढोल, बैंड-बाजों एवं मलंग बाबा की मौजूदगी में चादर शरीफ़ का जुलूस रवाना हुआ। जुलूस नया बाजार, जामा मस्जिद, पुलिस चौकी के सामने, चंदन चौक सहित विभिन्न मार्गों से होता हुआ दरगाह शरीफ़ पहुंचा, जहां चादर पेश कर विशेष दुआएं की गईं।
इस अवसर पर हज़रत रोशन अली बावा साहब उर्स कमेटी द्वारा केली वाले मियां साहब उर्स कमेटी का भव्य स्वागत किया गया। रोशन अली बावा साहब उर्स कमेटी के सदर सादिक हुसैन, कोषाध्यक्ष अयाज़ अहमद खान, उर्स संयोजक मोहम्मद फारूक छिपा, सचिव मतलूब अजमेरी, अब्दुल हमीद उर्फ भूरू मेव, हाजी कल्लू बा, बाबू छिपा, तनवीर अली, रफीक मेवाफरोश एवं आज़ाद गोरी सहित पदाधिकारियों ने गुलपोशी एवं साफ़ा बंधवाकर अतिथियों का इस्तकबाल किया।
स्वागत समारोह में केली वाले मियां साहब उर्स कमेटी के सदर भूरू भाई जागीरदार, सचिव इमरान खान, नायब सदर जमील खान उर्फ़ भाया बैट्री, हुसैन खान, राजा उस्ताद, वहीद भाई, रशीद खान, मोहसिन खान, इरफान खान, सद्दाम खान, हैदर मेव, असलम नियारगर, सरफराज मेवाफरोश, शफी मेवाफरोश एवं रेहान खान सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
जुलूस के दौरान दरूदो-सलाम और सूफियाना कलामों से वातावरण रूहानी रंग में रंगा रहा। दरगाह शरीफ़ पहुंचने के पश्चात चादर पेश की गई तथा अकीदतमंदों के लिए लंगर एवं शरबत की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर बाबा साहब की बारगाह में हाज़िरी दी और फ़ैज़ हासिल किया।
उर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 3 जून को बाद नमाज़ इशा महफ़िल-ए-मिलाद एवं ख़ुसूसी तकरीर का आयोजन होगा, जबकि 4 जून को सामूहिक निकाह सम्मेलन, रंगीन महफ़िल-ए-कव्वाली, दस्तारबंदी, फ़ातेहा ख़्वानी एवं लंगर तकसीम के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उर्स मुबारक का यह आयोजन क्षेत्र में आपसी सद्भाव, भाईचारे, मोहब्बत और सूफी परंपरा के संदेश को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होकर रूहानी बरकतें हासिल कर रहे हैं।
