रोडवेज विभाग के आदेशों की उड़ रही धज्जियां,चालक-परिचालकों की मनमानी से यात्रियों में रोष,

चोरू कस्बे के अंदर से बस संचालन पर 4 जून को चक्काजाम के दौरान बनी थी सहमति-फिर भी बायपास से दौड़ रही रोडवेज बसें

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल।रोडवेज विभाग के स्पष्ट आदेशों और प्रशासनिक सहमति के बावजूद टोंक-सवाई माधोपुर मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन चोरू कस्बे के अंदर से नहीं होकर सीधे बायपास मार्ग से किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इससे यात्रियों के साथ-साथ ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
गौरतलब है कि बीते 4 जून को चोरू बायपास पर हुए चक्काजाम के दौरान पुलिस उपाधीक्षक उनियारा आकांक्षा चौधरी, तहसीलदार अलीगढ़ धर्मेन्द्र तसेरा, जनसेवक गणेश शर्मा, सीआर फोरूलाल मीणा, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश मीणा सहित ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता में यह सहमति बनी थी कि सभी रोडवेज बसों का संचालन चोरू कस्बे के बस स्टैंड से किया जाएगा। सहमति समझौते के बाद दो दिनों तक रोडवेज बसें कस्बे के अंदर से संचालित हुईं, लेकिन उसके बाद स्थिति फिर “ढाक के तीन पात” वाली हो गई और बसें पुनः बायपास मार्ग से निकलने लगीं।
*यात्रियों को हो रही भारी परेशानी*
स्थानीय लोगों के अनुसार रोडवेज बस चालक एवं परिचालक टोंक और सवाई माधोपुर से यात्रियों को यह कहकर बस में बैठाते हैं कि बस चोरू कस्बे के अंदर से होकर जाएगी, लेकिन बाद में बसों को सीधे बायपास से निकाल दिया जाता है। इससे महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों को भीषण गर्मी में बायपास पर उतरकर अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*परिचालकों के जवाब पर उठ रहे सवाल*
यात्रियों द्वारा विरोध जताने और जानकारी लेने पर कुछ परिचालकों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे इस रूट पर पहली बार आए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि टोंक-सवाई माधोपुर मार्ग पर कार्यरत चालक एवं परिचालक इस मार्ग से भली-भांति परिचित हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब रोडवेज प्रबंधन के स्पष्ट निर्देश मौजूद हैं तो उनकी पालना क्यों नहीं की जा रही।
*अनशन, चक्काजाम और मुख्यमंत्री तक गुहार-फिर भी नहीं निकला समाधान*
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत चोरू के लोगों ने कई बार आंदोलन किए।ग्रामीणों ने अनशन किया, नेशनल हाईवे-116 पर चक्काजाम लगाया और अपनी मांग को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। आरोप है कि रोडवेज चालक एवं परिचालक अब भी मनमानी करते हुए बस स्टैंड में प्रवेश किए बिना सीधे बायपास मार्ग से बसों का संचालन कर रहे हैं।
*मुख्यमंत्री पोर्टल पर फिर दर्ज कराई शिकायत*
ग्रामीणों ने बताया कि रोडवेज बसों की मनमानी और विभागीय आदेशों की अवहेलना को लेकर एक बार फिर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में मांग की गई है कि रोडवेज प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर बसों का नियमित संचालन चोरू बस स्टैंड से सुनिश्चित करे।
*फिर भड़क सकता है ग्रामीणों का आंदोलन*
सूत्रों के अनुसार चोरू सहित आसपास के चार गांवों के ग्रामीणों में इस मामले को लेकर पुनः आक्रोश बढ़ रहा है। यदि रोडवेज विभाग द्वारा शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।आवश्यकता पड़ने पर नेशनल हाईवे-116 पर पुनः चक्काजाम किया जा सकता है।
*ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों ने रोडवेज प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि 4 जून को बनी सहमति और राजस्थान रोडवेज प्रबंधक टोंक के आदेश क्रमांक 983 दिनांक 8 अप्रैल 2026 के विभागीय आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराई जाए तथा सभी रोडवेज बसों का संचालन चोरू कस्बे के बस स्टैंड से कराया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और क्षेत्र में दोबारा आंदोलन जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही आदेशों की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार चालक-परिचालकों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।