दीवार तोड़कर चुराए थे काजू, किशमिश, घी और तेल; शराब का आदी है आरोपी
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।जिला ब्यावर के सदर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ग्राम खरवा में एक किराना दुकान में हुई चोरी का महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी किया गया शत-प्रतिशत (100%) सामान बरामद करने में सफलता हासिल की है।
दीवार तोड़कर वारदात को दिया था अंजाम
ब्यावर पुलिस अधीक्षक (IPS) रतनसिंह ने बताया कि प्रार्थी प्रेम पुत्र जीवण रेगर (निवासी खरवा) ने ब्यावर सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 5 जून 2026 की रात को आरोपी सुमेर पुत्र जगदीश रावणा राजपूत (निवासी खरवा) ने उसकी किराना दुकान की पिछली दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आरोपी दुकान से भारी मात्रा में खाद्य तेल, घी, काजू, किशमिश, दालें, मसाले, नमकीन और साबुन के टब आदि सामान चोरी कर ले गया था। पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण संख्या 197/2026 के तहत धारा 305 (क) व 331 (4) बी.एन.एस. (BNS) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस टीम ने 24 घंटे में बिछाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उच्चेनिया और पुलिस उप अधीक्षक श्री राजेश कसाणा के निर्देशन में ब्यावर सदर थानाधिकारी (पु.नि.) गजराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और तकनीकी आसूचना जुटाई। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ने चोरी का सारा माल अपने घर पर ही छुपा रखा है। पुलिस ने त्वरित दबिश देकर आरोपी सुमेर को राउंडअप किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने 7 जून 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी का सारा सामान शत-प्रतिशत बरामद कर लिया।
नशे की लत के कारण की चोरी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुमेर शराब पीने का आदी है और अपनी इस लत को पूरा करने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया। वह अक्सर पीड़ित प्रेम की दुकान पर सामान लेने आता-जाता रहता था, जिससे उसे दुकान की पूरी स्थिति का अंदाजा था।
इस टीम को मिली सफलता
सेंधमारी के इस मामले को चंद घंटों में सुलझाने में ब्यावर सदर थाने की इस टीम की मुख्य भूमिका रही:
गजराज (थानाधिकारी, ब्यावर सदर), देशराज (हैड कांस्टेबल 2117),धर्मेन्द्र (कांस्टेबल 1676),प्रदीप कुमार (कांस्टेबल 1894),रेखराज (कांस्टेबल 2370),ओमप्रकाश (कांस्टेबल 2856)
