दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल।बीसलपुर पुनर्वास योजना के तहत विस्थापित परिवार को आवंटित प्लॉटों पर कथित अतिक्रमण और रास्ता बंद किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी सावर को गुरुवार को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उपखंड कार्यालय एवं तहसील कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
ज्ञापन के अनुसार चौसला पुनर्वास कॉलोनी में पाडलिया निवासी कमला देवी पत्नी लादूराम, धर्मराज पुत्र लादूराम तथा महेंद्र कुमार पुत्र लादूराम मीणा को वर्ष 2004 में राजस्थान सरकार द्वारा प्लॉट संख्या 1, 2 एवं 3 आवंटित किए गए थे। आरोप है कि कॉलोनी के कुछ लोगों ने प्लॉटों के सामने लगभग 30 फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते पर पक्का चबूतरा, दीवार एवं फाटक बनाकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे आवंटित प्लॉटों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित लोगों को शिकायत देकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने आरोप लगाया कि प्लॉटों पर निर्माण सामग्री डालकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कुछ व्यक्तियों पर धमकाने तथा रास्ता नहीं खोलने के आरोप भी लगाए गए हैं। परिवार का यह भी दावा है कि विवादित स्थान पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विश्वजीत सिंह के नाम का बोर्ड लगा हुआ है, जिससे उन्हें संदेह है कि अतिक्रमण उनके संरक्षण में कराया गया है।
पीड़ितों ने प्रशासन से आवंटित प्लॉटों का वास्तविक कब्जा दिलाने, रास्ते से सभी अवरोध हटाने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कमला देवी, धर्मराज मीणा, महेंद्र कुमार, ओमप्रकाश मीणा, नापाखेड़ा सरपंच बंटी बलाई, हनुमत मीणा, जयंत, भगवान सिंह, फूलसिंह, कमल, मनराज, मनोज रेगर, रामराज, रामलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
