एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल, छात्र हितों की अनदेखी का आरोप
चित्तौड़गढ़, 16 जून।स्मार्ट हलचल।एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के नियमित छात्र संजय राव ने हाल ही में हुए विवाद के मामले में महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए सात दिवसीय नोटिस पर आपत्ति जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में दोनों पक्षों के बीच लिखित राजीनामा हो चुका है तथा इसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने को भी दे दी गई है।
संजय राव ने कहा कि जब विवाद आपसी सहमति से समाप्त हो चुका है और दोनों पक्षों ने राजीनामा कर लिया है, तब भी नोटिस जारी किया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के किसी भी छात्र के विरुद्ध कार्रवाई करना न्याय और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन से मांग की कि यदि मामले में कोई शिकायत या आपत्ति है तो सभी पक्षों को सुनकर तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। किसी भी प्रकार की एकतरफा कार्रवाई से छात्रों में असंतोष की स्थिति पैदा हो सकती है।
संजय राव ने आरोप लगाया कि छात्र हितों और छात्र समस्याओं की आवाज उठाने वाले छात्रों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है तथा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्र हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
एनएसयूआई ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की गई और बिना जांच के कार्रवाई की गई तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने प्रशासन से छात्र हितों को सर्वोपरि रखते हुए निष्पक्षता के साथ निर्णय लेने की मांग की है।
