नशे को कहें ‘ना’, शिक्षा से सजाएं बच्चों का कल: जीवार में दाती महाराज ने दिलाया 1000 लोगों को नशामुक्ति का संकल्प

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।समीपवर्ती जीवार (बदनौर) में आयोजित नशामुक्ति संकल्प अभियान कार्यक्रम में सामाजिक सुधार की एक अनूठी अलख देखने को मिली। परमहंस दाती मदन महाराज निजस्वरूपानंदपुरी के पावन सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब एक हजार लोगों ने एक सुर में हाथ खड़े कर जीवन में कभी नशा न करने का संकल्प लिया। अभियान को लेकर ग्रामीणों और युवाओं में भारी उत्साह देखा गया।

नशा विकास में सबसे बड़ी बाधा: दाती महाराज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दाती महाराज ने कहा कि नशा केवल किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। यह राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि वे अपने बच्चों को नशे की गर्त से बचाएं और उन्हें शिक्षा व खेलकूद के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।

महाराज ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा जीवन गरीब और असहाय बालक-बालिकाओं के लिए समर्पित है। यदि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ है, तो दाती महाराज उनके सहयोग के लिए सदैव तत्पर खड़े हैं।”

कई जिलों से उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों का हुआ बहुमान
जीवार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में न केवल ब्यावर, बल्कि भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, अजमेर, पाली और जोधपुर क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बाबा रामदेव मंदिर में प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में आयोजक नैनूराम जसावत (नटराज परिवार) के दयाराम, डालूराम, पूणरमल और रमेश जसावत ने दाती महाराज का साफा बांधकर भव्य स्वागत किया।

इसके साथ ही साध्वी दयापुरी, अर्जुनकुमार, वादी जागृति संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष सुगनाराम, नटराज मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद राजावत सहित कई गणमान्य अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

धूमधाम से हुई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा
बुधवार सुबह जीवार गांव में उत्सव का माहौल रहा। गाजे-बाजे और पारंपरिक भजनों के साथ भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके बाद पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ बाबा रामदेव जी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न की गई। इस दौरान महावीर नटराज, किशन नटराज, राजूराम भानावत सहित समाज के हजारों लोग साक्षी बने।