चित्तौड़गढ़, 18 जून।स्मार्ट हलचल।समीपवर्ती ग्राम नेतावल महाराज में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़, उदयपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में इतिहास प्रेमियों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने भाग लेकर महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का आयोजन ग्राम में स्थापित महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थल पर किया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व सरपंच राजदीप सिंह के प्रयासों एवं जनसहयोग से स्थापित यह प्रतिमा क्षेत्र में स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बन चुकी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान लाल प्रजापत के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने महाराणा प्रताप को राष्ट्र गौरव का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इतिहासविद् प्रेम सिंह मदारा एवं लोकेंद्र सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और सर्वधर्म सम्मान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने शासनकाल में सभी वर्गों और समुदायों को समान सम्मान दिया। उन्होंने हकीम खान सूरी जैसे वीर योद्धाओं का उदाहरण देते हुए राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गीतांजलि अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गांधी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को सेवा, त्याग और समर्पण का प्रतीक बताते हुए पूर्व सरपंच राजदीप सिंह की जनसेवा भावना की सराहना की।
अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, स्वाभिमान और हल्दीघाटी युद्ध की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राम विकास में राजदीप सिंह द्वारा किए गए कार्यों की भी प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश रामचंद्र सिंह झाला ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, न्याय, स्वाभिमान और जनकल्याण के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक शोध और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर आज महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास को सही स्वरूप में समाज के सामने लाया जा रहा है।
कार्यक्रम को रणजीत सिंह भाटी, नुकुल सिंह भाटी, भगवत सिंह नेतावल एवं रमेश नाथ योगी ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
अंत में राजदीप सिंह नेतावल ने सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक पाग, माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन जोगेंद्र सिंह छोटा खेड़ा ने किया।
