कोटा :स्मार्ट हलचल।पंचायत समिति सुल्तानपुर क्षेत्र में इन दिनों एक पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल हो रहे पत्र में ग्राम पंचायत भौरा के ग्राम विकास अधिकारी द्वारा खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सुल्तानपुर से स्वयं को कार्यमुक्त किए जाने का अनुरोध किया गया है।वायरल पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के कुछ ठेकेदारों तथा खंड विकास अधिकारी सुल्तानपुर श्री भानु मौली मौर्य द्वारा ग्राम विकास अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसी परिस्थितियों में कार्य करना संभव नहीं है तथा उच्च अधिकारियों के सहयोग और समर्थन के अभाव में कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की सत्यता जानने के लिए ग्राम विकास अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं अन्य ग्राम विकास अधिकारियों एवं परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कथित रूप से बिना स्वीकृत कार्यों के भुगतान तथा सहायक अभियंता द्वारा बिल प्रमाणीकरण के बिना ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसी दौरान कथित रूप से ग्राम विकास अधिकारी के साथ अभद्रता की गई, जिससे वे मानसिक तनाव में आ गए।
वायरल पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त परिस्थितियों एवं कथित दुर्व्यवहार के कारण उनके लिए वर्तमान पदस्थापन स्थल पर कार्य करना कठिन हो गया है।
दूसरी ओर ग्राम पंचायत भौरा के ग्रामीणों से बातचीत में ग्राम विकास अधिकारी की कार्यशैली की सराहना की गई। ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छता एवं ग्राम विकास कार्यों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। पंचायत क्षेत्र के सात गांवों में से पांच गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था संचालित की जा रही है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था में सुधार हुआ है।
