राजस्थान की बेटी मनन चतुर्वेदी की अनूठी पहल: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी 24 घंटे की पेंटिंग मैराथन का शुभारंभ

मानवता के महाअभियान का मंगलवार को आगाज़

जयपुर, 29 जून।स्मार्ट हलचल।राजस्थान की बेटी, प्रसिद्ध समाजसेवी, चित्रकार एवं सुरमन संस्थान की संस्थापक मनन चतुर्वेदी आज से दिल्ली के पालिका बाजार (कनॉट प्लेस) में 24 घंटे की लगातार लाइव पेंटिंग मैराथन का शुभारंभ करेंगी। इस प्रेरणादायी अभियान का शुभारंभ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी। यह आयोजन केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि 127 बेसहारा और परित्यक्त बच्चों के भविष्य को संवारने का एक मानवीय अभियान है। मैराथन के दौरान तैयार होने वाली पेंटिंग्स की बिक्री से प्राप्त राशि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पालन-पोषण और उनके उज्ज्वल भविष्य पर खर्च की जाएगी।

*127 बच्चों की ‘मां’ बनीं मनन*

मनन चतुर्वेदी का जीवन सेवा, समर्पण और मातृत्व की मिसाल है। उन्होंने अब तक 127 से अधिक बेसहारा एवं परित्यक्त बच्चों को नया जीवन दिया है। जिन बच्चों को कभी समाज ने ठुकरा दिया था, उन्हें मनन ने न केवल आश्रय दिया बल्कि मां का स्नेह, शिक्षा और आत्मसम्मान भी दिया। आज कई बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, जबकि अनेक बच्चों का उनके परिवारों से पुनर्मिलन भी कराया गया है।

*सुरमन संस्थान बना उम्मीदों का घर*

वर्ष 1998 में स्थापित सुरमन संस्थान आज उन बच्चों के लिए परिवार बन चुका है, जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका था। यहां बच्चों को भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, संस्कार और आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि बच्चों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने योग्य बनाना है।

*कला के रंगों से समाज को संदेश*

फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य छोड़कर समाज सेवा का मार्ग चुनने वाली मनन चतुर्वेदी ने अपनी चित्रकला को जनजागरण का माध्यम बनाया है। उनकी हर पेंटिंग बाल अधिकार, मानवता, प्रेम और संवेदनाओं का संदेश देती है। दिल्ली की यह 24 घंटे की मैराथन बाल श्रम, बाल शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ भी एक सशक्त सामाजिक संदेश देगी।

*हर पेंटिंग बदलेगी किसी बच्चे का भविष्य*

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि खरीदी जाने वाली प्रत्येक पेंटिंग किसी न किसी बच्चे के जीवन में खुशियों के रंग भरेगी। प्रत्येक ब्रश स्ट्रोक बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगा। कला प्रेमियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों के लिए यह सेवा के इस महाअभियान से जुड़ने का अनूठा अवसर होगा।

*सम्मानों से बढ़कर बच्चों की मुस्कान*

मनन चतुर्वेदी को सामाजिक सेवा और बाल अधिकारों के क्षेत्र में अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इसके बावजूद वे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि उन बच्चों की मुस्कान को मानती हैं, जिन्होंने उनके स्नेह से नया जीवन पाया है।

*1200 बच्चों के लिए नया सपना*

मनन चतुर्वेदी का अगला लक्ष्य 1200 बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल आश्रय गृह का निर्माण करना है। इसके लिए वे समाज के सहयोग और सहभागिता की अपेक्षा रखती हैं।

*”मेरे बच्चों के सपने ही मेरे सपने हैं”*

मनन चतुर्वेदी कहती हैं, “जब तक मेरी सांसें चलेंगी, तब तक मैं अपने बच्चों के सपनों में रंग भरती रहूंगी।” यही भावना उन्हें केवल एक चित्रकार या समाजसेवी नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची मिसाल और राजस्थान की गौरवशाली बेटी बनाती है।