प्युवा उद्यमियों के लिए RFC का बड़ा अभियान, एक दिन में 10.36 करोड़ के ऋण आवेदन प्राप्त, 5.5% ब्याज पर 2 करोड़ तक की वित्तीय मदद

भरत देवड़वाल

सांगानेर। स्मार्ट हलचल।राजस्थान में युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजस्थान वित्त निगम (RFC) ने मंगलवार को जयपुर के सीतापुरा रीको परिसर में उद्योग प्रोत्साहन शिविर आयोजित किया। शिविर में बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया और निगम की विभिन्न ऋण योजनाओं में रुचि दिखाई। एक ही दिन में 10 करोड़ 36 लाख रुपये के ऋण आवेदन प्राप्त हुए।

राजस्थान वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक डॉ हर सहाय मीणा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नए उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराना और उन्हें वित्तीय सहायता तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं, पात्रता, ऋण प्रक्रिया और परियोजना तैयार करने से जुड़ी जानकारी भी दी गई।

*उद्योग से लेकर अस्पताल और होटल तक मिलेगा वित्तीय सहयोग*

निगम के अनुसार उद्योग, होटल, गेस्ट हाउस, अस्पताल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सेवा क्षेत्रों के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित भूमि के विरुद्ध भी ऋण सुविधा दी जा रही है, जिससे निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने में आसानी होगी।

*5.5% ब्याज पर 2 करोड़ तक का ऋण*
महाप्रबंधक पंकज पुरोहित ने बताया कि युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र युवाओं को 5.50 प्रतिशत ब्याज दर पर 2 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना युवाओं को रोजगार मांगने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।

कार्यकारी निदेशक डॉ हरसहाय मीणा ने कहा कि निगम प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उद्यमियों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। निगम की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और उद्यमी हितैषी बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि निगम एनपीए कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि अधिक से अधिक संसाधन नए उद्योगों को वित्तीय सहायता के रूप में उपलब्ध कराए जा सकें।

शिविर में मिले 10.36 करोड़ रुपये के ऋण आवेदन इस बात का संकेत हैं कि राजस्थान के युवा उद्यमियों का राजस्थान वित्त निगम की योजनाओं पर भरोसा बढ़ रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के उद्योग प्रोत्साहन शिविर नए निवेश को बढ़ावा देंगे और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे।