डिजिटल मीडिया की विश्वसनीयता पर दिया जोर, अरावली बचाओ अभियान और पूर्व सरकार की डिजिटल नीति का किया उल्लेख
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर -स्मार्ट हलचल।विश्व सोशल मीडिया दिवस के अवसर पर मंगलवार को जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने सोशल मीडिया की भूमिका, लोकतंत्र, डिजिटल पत्रकारिता और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए डिजिटल मीडिया पत्रकार, सोशल मीडिया कंटेंट निर्माता, जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अशोक गहलोत ने कहा कि आज के राजनीतिक माहौल में सोशल मीडिया की भूमिका बेहद प्रभावशाली हो चुकी है। सीमित संसाधनों के बावजूद अनेक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट निर्माता साहस और ईमानदारी के साथ जनहित के मुद्दों को सामने ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का कार्य लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया की ताकत का उदाहरण देते हुए अरावली बचाओ अभियान का उल्लेख किया। गहलोत ने कहा कि इस अभियान को सोशल मीडिया पर इतना व्यापक जनसमर्थन मिला कि मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया और अंततः उच्चतम न्यायालय को अपने ही एक फैसले पर रोक लगानी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया की जनशक्ति का बड़ा उदाहरण है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस विषय को मुख्य रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के सामने लाया जा रहा है और अनेक लोग इस पर अपनी बात रख रहे हैं।
गहलोत ने अपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई डिजिटल मीडिया नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल पत्रकारों और कंटेंट निर्माताओं के हितों को ध्यान में रखकर यह नीति तैयार की गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार बदल गई, जिससे उस नीति का लाभ अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया को संस्थागत मजबूती देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी डिजिटल पत्रकारों और कंटेंट निर्माताओं से कहा कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी पूंजी विश्वसनीयता है। यदि तथ्यों पर आधारित और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य किया जाएगा तो जनता का विश्वास हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग समाज और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए होना चाहिए।
देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए गहलोत ने राजनीतिक मूल्यों में गिरावट और जनप्रतिनिधियों की कथित खरीद-फरोख्त पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनहित के मुद्दे उठाने वाले सोशल मीडिया मंचों तथा डिजिटल पत्रकारों के साथ उनका समर्थन हमेशा रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान गहलोत के सोशल मीडिया अभियानों, जिनमें इंतजार शास्त्र और अरावली बचाओ जैसे अभियान शामिल रहे, उन पर आधारित एक प्रस्तुति भी दिखाई गई। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा तथा राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, पत्रकारों और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माताओं का आभार व्यक्त किया गया।
