हंसता-खेलता परिवार एक रात में तबाह
मौत से दो मासूमों के सिर से उठा साया, टूटी बुढ़ापे की लाठी
सांवर वैष्णव
सवाईपुर :- स्मार्ट हलचल।बनकाखेड़ा निवासी दंपति की साली के ससुराल में आत्मघाती कदम उठाकर पहले पत्नी की हत्या कर पति ने फिर फांसी लगा ली । मामला हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के आमली बरडोद गांव का है, जहां सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है । यहां मिलने आए साडू के मकान में एक दंपती ने आत्मघाती कदम उठा लिया । पति ने पहले अपनी पत्नी की गला दबाकर और लोहे की फेट ( मुक्के ) मारकर हत्या की और फिर खुद भी फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली । घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है । सूचना मिलते ही हमीरगढ़ थाना प्रभारी सुनील बेड़ा मय जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की ।
खेत से वापस बुलाया, फिर वारदात को दिया अंजाम
हमीरगढ़ पुलिस के अनुसार, बड़लियास थाना क्षेत्र के बनकाखेड़ा निवासी कालू ( 30 ) पुत्र देबीलाल जाट अपनी पत्नी दुर्गा देवी ( 28 ) के साथ रविवार शाम करीब 7 बजे आमली बरडोद स्थित अपने साडू जगदीश जाट व साली के घर मिलने पहुंचे, जहां रात में सभी ने एकसाथ भोजन कर सो गए । सोमवार सुबह पांच बजे साडू जगदीश, उसकी पत्नी और दुर्गा तीनों पास ही के खेत पर गुलाब के फूल तोडऩे के लिए निकले थे । अभी वे खेत पहुंचने से पहले ही पीछे से कालू ने फोन कर कहा कि घर पर बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें तुरंत गांव निकलना होगा । इस पर जगदीश अपनी बड़ा सासू दुर्गा को वापस घर छोडऩे आया । जगदीश ने जब घर पर ताला लगाने की बात कही, तो दंपती ने कहा कि वे बस निकलने ही वाले हैं, इस पर जगदीश ने कहा कि आप ताला लगाकर चाबी रख देना । इसके बाद साडू दोबारा खेत पर जाते ही कालू ने इस खूनी वारदात को अंजाम दे डाला ।
कमरे में मिला शव, पीहर और ससुराल पक्ष को दी सूचना
जब परिजन वापस लौटे तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए । कालू का शव फंदे पर झूल रहा था, जबकि उसकी पत्नी दुर्गा का शव बेड पर पड़ा था । पुलिस ने तुरंत घटना की जानकारी मृतक कालू के निवास स्थान बनकाखेड़ा और मृतका दुर्गा के पीहर सालरिया, मंडफिया में दी । परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर हमीरगढ़ चिकित्सालय ले गए, जहां मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द किया । प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कालू ने दुर्गा का गला दबाने के साथ लोहे की फेट से वार किया था ।
पुलिस की जांच के घेरे में कई पहलू
हमीरगढ़ सीआई सुनील बेड़ा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पत्नी की हत्या के बाद खुदकुशी का है। लेकिन, पुलिस हत्या और आत्महत्या के पीछे के असली कारणों को तलाशने के लिए अन्य कई पहलुओं को आधार मानकर गहनता से जांच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो हंसते-खेलते दंपती को यह कदम उठाना पड़ा ।
मासूमों के सिर से उठा साया, मां की टूटी बुढ़ापे की लाठी, गांव में पसरा सन्नाटा
इस खौफनाक कदम ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ कर रख दिया है । मृतक दंपती अपने पीछे दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें एक 7 साल का बेटा और एक 3 साल की बेटी है । माता-पिता की मौत की खबर के बाद से ही दोनों मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, और सायं तक अपनी पथराई आंखों से माता-पिता के आने का इंतजार में गली के मोड़ पर नजरें टिकाए रहे । कालू की मौत से उनकी मां पर भी दुखों का पहाड़ टूटा और उनके बुढ़ापे की लाठी टूट गई, क्योंकि कालू अपने पिता का इकलौता था, पिता की मौत के बाद कालू ही परिवार का पालन पोषण कर रहा था । जैसे ही बनकाखेड़ा गांव में दोनों की मौत की खबर पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया । हर कोई अचंभित है कि जो दंपती रविवार शाम को खुशी-खुशी घर से निकला था, वह चंद घंटों में इस दुनिया से रुखसत हो गया ।।
गंठजोड़ में निकली शव यात्रा तो हर आंख हुई नम
सोमवार सायं करीब 6:00 बजे दोनों के शव गांव पहुंचे, तो घर में कोहराम मच गया और हर तरफ चीख-पुकार फूट पड़ी, घर के सभी सदस्यों का बुरा हाल हो गया । कुछ देर बाद दोनों के शवों की एक साथ गंठजोड़ शव यात्रा निकली, शव यात्रा गांव की मुख्य मार्ग से होते हुए शमशान घाट में पहुंची, इस दौरान सभी की आंखें नम हो गई, हर जुबान पर एक ही सवाल था कि ऐसा क्या हुआ जो कालू ने यह कदम उठाया । दोनों ही शवों का अलग-अलग चिता पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया ।।
