अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।विश्व पैरामेडिक्स दिवस के अवसर पर ब्यावर के अम्बा बाड़ी स्थित डीपीएस विद्यालय परिसर में संचालित ‘जीडी गोयनका हेल्थकेयर एकेडमी’ में एक विशेष जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन, पैरामेडिकल सेवाओं के महत्व और समाज में पैरामेडिक्स की रीढ़ की हड्डी जैसी भूमिका से परिचित कराना था।
जीवन रक्षक तकनीकों का हुआ प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने प्राथमिक उपचार (First Aid), आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, रोगी प्रबंधन और जीवन रक्षक तकनीकों पर आधारित व्यावहारिक और बेहतरीन प्रस्तुतियाँ दीं। विशेषज्ञों ने इस दौरान छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि किसी भी दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या मेडिकल इमरजेंसी के समय पैरामेडिक्स ही ‘फर्स्ट रेस्पॉन्डर’ (सबसे पहले पहुँचने वाले) होते हैं। उनका त्वरित निर्णय और प्रारंभिक उपचार ही मरीज को जीवनदान देता है।
केवल डिग्री नहीं, संवेदनशील प्रोफेशनल बनना जरूरी: सेंटर हेड
इस अवसर पर छात्रों को केवल डिग्री हासिल करने के बजाय एक कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार हेल्थकेयर प्रोफेशनल बनने का संदेश दिया गया। संस्थान के सेंटर हेड पियूष सोनी ने अपने संबोधन में कहा:
“जीडी गोयनका हेल्थकेयर एकेडमी का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम को पूरा कराना नहीं है, बल्कि मेडिकल इंडस्ट्री की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष, आत्मविश्वासी और रोजगारोन्मुख (Job-oriented) हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार करना है।”
छात्रों ने ली सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पूरी लगन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठता के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, सभी ने समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का संकल्प लिया।
इस गरिमामयी समारोह में संस्थान प्रबंधन के सदस्यों सहित फैकल्टी और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रूचि राजपूत, डाॅ. मनोज पोरवाल और हर्षित रांकावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
