27 करोड़ 72 लाख के ऋण आवेदन एक ही दिन में प्राप्त निगम का 150 करोड़ के प्रकरणों का लक्ष्य*
भरत देवड़वाल
जयपुर/स्मार्ट हलहल|लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रान्त व राजस्थान वित्त निगम के संयुक्त तत्वावधान मे आज लघु एवं सूक्ष्म उद्योगो के लिये ‘‘मेगा औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर एवं जागरूकता कार्यशाला‘‘ का आयोजन भवन सभागार मे किया गया। कार्यशाला मे राजस्थान वित्त निगम से संबधित उद्यमियो की विभिन्न समस्याओं व जिज्ञासाओं को दूर किया गया कार्यक्रम के प्रारम्भ मे कार्यकारी निदेशक डॉ हरसहाय मीणा व महाप्रबंधक पंकज पुरोहित का दुपट्टा ओढ़ाकर व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
जोधपुर प्रान्त महामंत्री सुरेश कुमार विश्नोई ने बताया कि कार्यशाला मे सूक्ष्म, लघु व सूक्ष्म उद्योगो के ऋण आवेदन प्रक्रिया, ब्याज दरों, वित्तीय सहायता, विभिन्न योजनाओ तथा राजस्थान वित्त निगम द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के विषय मे विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी।
*निगम का उद्देश्य उद्यमो को वित्तीय सहयोग प्रदान कर उन्हे आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाना है- डॉ हरसहाय मीणा*
कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक व भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ट अधिकारी आईएएस डॉ हरसहाय मीणा ने अपने संबोधन मे कहा कि राजस्थान वित्त निगम प्रदेश के औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण धुरी है। निगम का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना ही नही, बल्कि नये एवं स्थापित उद्यमो को वित्तीय सहयोग प्रदान कर उन्हे आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाना है।
उन्होने कहा कि राजस्थान वित्त निगम द्वारा उद्यमियों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध करवायी जा रही है, जिससे प्रदेश मे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है तथा रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे है।
महाप्रबंधक पंकज पुरोहित ने कहा कि विगत लगभग 50 वर्षों से राजस्थान वित निगम प्रदेश के लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के विकास मे महत्वपूर्ण एवं प्रभावी भूमिका निभा रही है। यह संस्था अपनी संरचना मे पुनः सुधार कर रही है एवं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप विशेष रूप से युवा, महिला, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के उद्यमियों को स्वरोजगार एवं उद्योग स्थापना के लिये प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने कहा कि पूर्व में छोटे एवं सूक्ष्म उद्योगों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे समय में राजस्थान वित्त निगम ने उद्योगों को वित्तीय सहयोग प्रदान कर उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लघु उद्योग भारती, राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए राजस्थान वित्त निगम के अनुदान बजट में वृद्धि, उद्योग ऋणों पर ब्याज दरों में कमी तथा क्षेत्रीय वित्त निगम कार्यालयों की स्वीकृति एवं निर्णय लेने की शक्तियों (सेक्शन पावर) में विस्तार करने का सुझाव दिया।
एमएसएमई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने और नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग ऋणों पर ब्याज दरों में यथासंभव कमी की जानी चाहिए।
*लंबित प्रकरणों का निगम शीघ्र करेगा समाधान- अल्का सलूजा*
राजस्थान वित्त निगम की उपमहाप्रबंधक अलका सलूजा ने बताया कि आयोजित शिविर के दौरान राजस्थान वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक डॉ हरसहाय मीणा एवं महाप्रबंधक पंकज पुरोहित द्वारा लगभग 27 करोड़ 72 लाख रुपये के ऋण आवेदन प्राप्त किये गये।
उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में लगभग 150 करोड़ रुपये के ऋण प्रकरणों को स्वीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा ऋण प्रकरणों एवं अन्य फाइलों का त्वरित गति से निस्तारण किया जा रहा है तथा लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उद्यमियों को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके।
कार्यशाला के दौरान युवा उद्यमियों ने मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत उपलब्ध ऋण सीमा को 2 करोड से बढ़ाकर 5 करोड रूपये करने की मांग रखी।
कार्यक्रम मे लघु उद्योग भारती के प्रान्त सचिव अलंकृत डागा, पूर्व उपाध्यक्ष सुरेश मुथा, कार्यकारिणी सदस्य अशोक कुमार गहलोत, सदस्य राजेन्द्र दवे एवं राजस्थान वित्त निगम के अधिकारी व कर्मचारीगण सहित अनेक युवा उद्यमी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अन्त मे अतिथियों का आभार व धन्यवाद राजस्थान वित्त निगम की महाप्रबंधक पंकज पुरोहित ने दिया।
