गौशाला संस्था से जुड़े भूमि आवंटन को लेकर उठे सवाल, कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
शाहपुरा, स्मार्ट हलचल। शाहपुरा क्षेत्र में सरकारी चरागाह भूमि से जुड़े विवाद में शुक्रवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाया। राजस्व विभाग एवं प्रशासन की टीम की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। मामले को लेकर विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा एवं उनके परिवार से जुड़ी एक गौशाला संस्था के नाम पर सरकारी चरागाह भूमि के आवंटन एवं उपयोग को लेकर विभिन्न आरोप लगाए जा रहे थे। इस संबंध में समाचार सामने आने और दस्तावेज सार्वजनिक चर्चा का विषय बनने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि के आवंटन एवं उपयोग को लेकर पूर्व में भी प्रशासनिक स्तर पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। शुक्रवार को हुई कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने विवादित हिस्से से अतिक्रमण हटाया तथा पूरे घटनाक्रम का रिकॉर्ड तैयार किया।
इस प्रकरण पर कांग्रेस नेताओं ने निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस के शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रत्याशी नरेन्द्र कुमार रेगर ने आरोप लगाया कि यदि मामले में सरकार या प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है तो संबंधित समिति एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे जनता और गौमाता को न्याय मिल सके।
वहीं कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष नायक ने कहा कि गौशालाओं के नाम पर भूमि आवंटन में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ सेवा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या निजी लाभ स्वीकार्य नहीं है तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी चरागाह भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी प्रशासन की है। उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की मांग की है।
नोट : इस समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों के बयानों एवं सार्वजनिक रूप से उठाए गए आरोपों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
