सेवा, संस्कार, सामाजिक समर्पण एवं संगठन विस्तार को समर्पित रहेगा स्थापना दिवस समारोह
जयपुर, 14 जुलाई 2026।
देश भर में चर्चित ब्राह्मण महापंचायत कार्यक्रम का आयोजन करने वाले ब्राह्मण समाज की अग्रणी संस्था विप्र सेना 6 वर्ष पूर्ण कर नव स्थापना दिवस मनाने जा रहे हैं। विप्र सेना राजस्थान के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन का स्थापना दिवस 19 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में “प्रदेशव्यापी सेवा एवं संस्कार अभियान” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान के सभी जिलों, विधानसभा, नगर एवं ग्राम इकाइयों द्वारा समाज सेवा, जनकल्याण एवं संस्कार संरक्षण से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विप्र सेना ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक समाज सेवा, संगठन विस्तार, स्वाभिमान रक्षा एवं पीड़ित सहायता के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। संगठन का उद्देश्य केवल सामाजिक संगठन बनना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा एवं सहयोग पहुँचाना है।
विप्र सेना प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि संगठन द्वारा संचालित “विप्र तत्काल राहत कोष योजना” के माध्यम से समाज के किसी भी व्यक्ति के आकस्मिक निधन, दुर्घटना अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में पीड़ित परिवार तक तत्काल आर्थिक सहायता पहुँचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को कठिन समय में त्वरित सहयोग प्रदान कर संगठन ने सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
इसी प्रकार विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में प्रदेशभर में समय-समय पर विशाल रक्तदान शिविर, निःशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य परामर्श एवं जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनसे हजारों लोगों को लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से संगठन द्वारा संचालित “ब्रह्म चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़” प्रकल्प के माध्यम से युवा उद्यमियों, व्यापारियों एवं उद्योग जगत से जुड़े समाजबंधुओं को एक मंच पर लाकर पारस्परिक सहयोग, व्यापारिक नेटवर्किंग एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए संगठन के धर्मनिष्ठ प्रकोष्ठ द्वारा मंदिरों एवं मठों से जुड़े संतों एवं पुजारियों की समस्याओं के समाधान हेतु नियमित संवाद स्थापित किया जाता है तथा “सनातन धर्म परिषद” जैसे आयोजनों के माध्यम से धर्म, संस्कृति एवं समाजहित से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाता है।
उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में मंदिरों एवं मठों में विशेष पूजा-अर्चना एवं राष्ट्र, समाज तथा संगठन की उन्नति के लिए सामूहिक प्रार्थना, गौशालाओं में गौ-सेवा एवं चारा वितरण, अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण, वृद्धाश्रम एवं अनाथालयों में भोजन एवं आवश्यक सामग्री वितरण, पौधारोपण तथा संतों, पुजारियों, वरिष्ठजनों, सैनिक परिवारों एवं विशिष्ट समाजसेवियों का सम्मान जैसे सेवा कार्य आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश महामंत्री योगेश व्यास ने बताया कि सभी इकाई अध्यक्षों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए कम से कम एक प्रमुख सेवा कार्यक्रम अवश्य आयोजित करें तथा प्रत्येक कार्यक्रम की रिपोर्ट एवं छायाचित्र प्रदेश कार्यालय को भेजे जाएँ।
उन्होंने प्रदेशभर के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजबंधुओं से आह्वान किया कि वे स्थापना दिवस को “सेवा, संस्कार और सामाजिक समर्पण का महापर्व” बनाते हुए समाजहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 19 जुलाई का “प्रदेशव्यापी सेवा एवं संस्कार अभियान” विप्र सेना की सेवा परंपरा को और अधिक सशक्त करेगा तथा संगठन की समाज के प्रति प्रतिबद्धता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य करेगा।
