प्लास्टिक खा रहा गोवंश; शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। एक ओर राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाने, शहर को साफ-सुथरा बनाने और आमजन को जागरूक करने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भीलवाड़ा शहर के सबसे बड़े ट्रेवल्स हब लैंडमार्क होटल के पीछे लगा कचरे का अंबार इन दावों की हकीकत बयां करता नजर आ रहा है। लंबे समय से फैली गंदगी को लेकर स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है।
व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन निर्धारित डंपिंग स्थल पर कचरा ले जाने के बजाय सड़क किनारे और पार्क के पास खुले मैदान में ही कचरा खाली कर रहे हैं। इसके चलते पूरे क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध और प्रदूषण का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि पिछले काफी समय से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
व्यापारियों का कहना है कि कचरे के ढेर और असहनीय बदबू के कारण ग्राहक यहां रुकना पसंद नहीं करते, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। आसपास स्थित होटल, बैंक और अन्य प्रतिष्ठानों के कर्मचारी भी दिनभर दुर्गंध के बीच काम करने को मजबूर हैं। करीब 100 फीट तक फैले कचरे के कारण यह पूरा क्षेत्र बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि यह स्थान कचरा डालने के लिए अधिकृत नहीं है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कचरे में पड़ी प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री गायें ओर गोवंश खा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे गोवंश की जान पर खतरा मंडरा रहा है। बरसात के मौसम में यही कचरा पूरे क्षेत्र में फैल जाता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
*शिकायत के बाद अधिकारी मौके पर आते हैं मगर केवल मिलता है आश्वासन*
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम अधिकारियों को शिकायत दी गई। अधिकारी मौके का निरीक्षण कर आश्वासन देकर लौट जाते हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान पर तत्काल कचरा डालना बंद कराया जाए, नियमित सफाई करवाई जाए तथा कचरे के निस्तारण के लिए उचित स्थान निर्धारित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के व्यापारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
