मां वाउचर योजना से निःशुल्क सोनोग्राफी, गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को लगाए एफसीएम इंजेक्शन, विशेषज्ञों ने दिए सुरक्षित मातृत्व के टिप्स
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा // जिले में शनिवार को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 2,210 से अधिक गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई। अभियान के दौरान 505 उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) गर्भावस्थाओं की पहचान कर संबंधित महिलाओं को उपचार, विशेषज्ञ परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, सीएचसी, पीएचसी एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष शिविर लगाए गए। इनमें गर्भवती महिलाओं की एएनसी, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर सहित आवश्यक स्वास्थ्य जांचें निःशुल्क की गईं।
अभियान के तहत मां वाउचर योजना के माध्यम से पात्र गर्भवतियों की निःशुल्क सोनोग्राफी कराई गई। वहीं गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में आयरन सुक्रोज एवं एफसीएम इंजेक्शन लगाए गए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिनव निर्वाण ने बताया कि शिविरों में गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, पोषण, नियमित प्रसवपूर्व जांच, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन तथा सुरक्षित मातृत्व के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे हर माह 9, 18 और 27 तारीख को अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ अवश्य लें, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी संभावित जोखिम की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।
