भीलवाड़ा । चेक अनादरण के तीन मुकदमों में कंपनी की डायरेक्टर मनीषा छाबड़ा पत्नी अमित छाबड़ा निवासी 2-एफ-4 न्यू हाऊसिंग बोर्ड भीलवाड़ा को एक वर्ष का कारावास ओर 14.93 लाख से अधिक के जुर्माने से एन आई एक्ट में सजा मिली है । विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण) क्रमांक–3, भीलवाड़ा ने चेक अनादरण (धारा 138, पराक्रम्य लिखत अधिनियम, 1881) के तीन अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए रियल रेडियंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, भीलवाड़ा की डायरेक्टर मनीषा छाबड़ा को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने प्रत्येक प्रकरण में मनीषा छाबड़ा को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई तथा चेक राशि के आधार पर दोगुनी राशि तक के जुर्माने से दंडित किया। तीनों मामलों में कुल मिलाकर ₹14,93,530 के जुर्माने का आदेश पारित किया गया।
प्रकरणों के अनुसार, परिवादीगण महक इंटरप्राइजेज के अशोक कुमार जैन, प्रीति जैन और सांवरमल तेली द्वारा अभियुक्ता को विभिन्न अवसरों पर राशि उधार दी गई थी। उक्त देनदारी के निर्वहन के लिए अभियुक्ता द्वारा चेक जारी किए गए, किंतु बैंक में भुगतान हेतु प्रस्तुत किए जाने पर सभी चेक अनादृत (Dishonoured) हो गए। वैधानिक नोटिस दिए जाने के बावजूद निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। विचारण के दौरान दोनों पक्षों द्वारा मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों तथा रिकॉर्ड के परीक्षण के उपरांत न्यायालय ने अभियोजन के आरोपों को सिद्ध मानते हुए अभियुक्ता को दोषसिद्ध ठहराया तथा उपर्युक्त सजा एवं जुर्माने से दंडित करने का निर्णय पारित किया। यह निर्णय चेक अनादरण से संबंधित मामलों में वित्तीय लेन-देन की विश्वसनीयता तथा पराक्रम्य लिखत अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
