स्मार्ट हलचल|शंभूगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगियों के लिए व्यवस्थाओं का आलम यह है कि प्रतिदिन 180 से 200 ओपीडी होने के बावजूद अस्पताल में स्थाई चिकित्सक का पद रिक्त होने के कारण उपचार हेतु आने वाले रोगियों को इलाज करवाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल का मुख्य गेट बंद रहने से मरीजों में असमंजस।
रोजाना ओपीडी बंद होने के साथ ही चिकित्सालय का मुख्य दरवाजा दोपहर 2:00 बजे के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा बंद कर दिया जाता है जिसके कारण आपातकालीन स्थिति में पहुंचने वाले रोगियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
आपातकालीन स्थिति में रोगी सोचते हैं कि अस्पताल तो बंद है इसलिए वह इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
अस्पताल में स्थाई महिला चिकित्सक की नियुक्त करने कि मांग।
स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि शम्भुगढ़ अस्पताल पर आसपास के गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी चिकित्सा सुविधा के लिए निर्भर है । ग्रामीणों की मांग है अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने के कारण प्रसुताओं को उचित उपचार नहीं मिल पाता है साथ प्रसव के समय भी बिना महिला चिकित्सक के समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन से कई बार ज्ञापन सौंपा गया है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 148 D के नजदीक होने के बावजूद शम्भुगढ़ अस्पताल 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा से वंचित।
शम्भुगढ़ कस्बा राष्ट्रीय राजमार्ग 148 D के नजदीक होने के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे होते हैं उस स्थिति में गंभीर दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता हैं ऐसे में कई बार मौत तक हो जाती हैं।
इसलिए शंभूगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 108 एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मांग पूरी की जाए इससे आसपास के ग्रामीणों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
