मांडलगढ़, बीगोद और बिजौलियां में मूल अधिकारियों की नियुक्ति की मांग तेज, आमजन को उठानी पड़ रही परेशानी
मांडलगढ़, स्मार्ट हलचल। मांडलगढ़, बीगोद एवं बिजौलियां नगरपालिकाओं में अधिशासी अधिकारियों के पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण अतिरिक्त प्रभार के भरोसे प्रशासनिक व्यवस्था संचालित हो रही है। इससे तीनों नगरपालिकाओं में आमजन के आवश्यक कार्य समय पर नहीं होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार मांडलगढ़ उपखंड अधिकारी श्रीमती स्वाति को नगरपालिका मांडलगढ़ का अतिरिक्त कार्यभार, मांडलगढ़ तहसीलदार रामेश्वरलाल रैगर को नगरपालिका बीगोद तथा बिजौलियां तहसीलदार ललित डिडवानिया को नगरपालिका बिजौलियां के अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अधिकारियों पर पहले से ही अपने मूल विभागीय दायित्व होने के कारण अतिरिक्त जिम्मेदारियों का प्रभाव प्रशासनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगरपालिकाओं में भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, पट्टों से जुड़े प्रकरण, सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों की स्वीकृति सहित कई आवश्यक कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि नियमित अधिशासी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से नगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। वहीं आगामी चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा जनप्रतिनिधियों के लिए भी चुनौती बन सकता है।
क्षेत्रवासियों ने राज्य सरकार एवं स्वायत्त शासन विभाग से मांग की है कि मांडलगढ़, बीगोद और बिजौलियां नगरपालिकाओं में शीघ्र नियमित अधिशासी अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी आए और आमजन को राहत मिल सके।
