हॉस्पिटल रोड पर मची अफरा-तफरी, सूचना के बावजूद देर से पहुंची पुलिस; व्यापारियों में रोष
नीरज मीणा
मंडावर। स्मार्ट हलचल/कस्बे के सबसे व्यस्त हॉस्पिटल रोड पर शनिवार सुबह मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरओ पानी के कैंपर पहले भरवाने की बात को लेकर दो व्यापारियों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और बीच सड़क पर लाठी-डंडों एवं लोहे के सरियों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों में दहशत फैल गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरी घटना मंडावर पुलिस थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर करीब आधे घंटे तक चलती रही, लेकिन सूचना मिलने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। घटना को लेकर स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली।
पानी भरवाने की बात पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 11 बजे हॉस्पिटल रोड स्थित अतुल आरओ प्लांट से मिनरल वाटर सप्लाई करने वाला वाहन पहुंचा था। आसपास के दुकानदार अपने-अपने पानी के कैंपर भरवा रहे थे। इसी दौरान जैन साइकिल स्टोर और राजू वस्त्र भंडार (बनावड़ वाले) के बीच पहले पानी भरवाने को लेकर विवाद हो गया।
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने लोगों को बुला लिया और देखते ही देखते बीच सड़क पर लाठी-डंडे तथा लोहे के सरियों से हमला शुरू हो गया। सड़क पर खुलेआम हुई मारपीट से आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकानें छोड़ दीं और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
राहगीरों में मची दहशत, बाजार का माहौल बिगड़ा
व्यस्त बाजार में अचानक हुई इस हिंसक झड़प के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। राहगीरों और महिलाओं में भय का माहौल बन गया। कई लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाकर खुद को बचाया, जबकि आसपास के व्यापारियों ने दुकानों के बाहर निकलकर हालात को संभालने का प्रयास किया।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना शुरू होते ही कई लोगों ने मंडावर पुलिस को फोन कर तत्काल मौके पर पहुंचने की सूचना दी। आरोप है कि थाना पास में होने के बावजूद काफी देर तक पुलिस का कोई भी अधिकारी या जवान मौके पर नहीं पहुंचा। इससे झगड़ा लगातार बढ़ता गया और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते रहे।
स्थानीय लोगों ने कराया बीच-बचाव
स्थिति लगातार बिगड़ती देख आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों पक्षों के बीच हस्तक्षेप किया। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने दोनों पक्षों को अलग किया और समझाइश देकर मामला शांत कराया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थानीय लोग बीच-बचाव नहीं करते तो घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी।
आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि झगड़ा पूरी तरह शांत होने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक दोनों पक्ष अलग हो चुके थे और स्थिति सामान्य हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और बिना किसी विशेष कार्रवाई के वापस लौट गई। इस घटनाक्रम से व्यापारियों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी और बढ़ गई।
व्यापारियों ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब पुलिस थाना इतनी कम दूरी पर होने के बावजूद समय पर नहीं पहुंच सका, तो दूर-दराज क्षेत्रों में किसी आपात स्थिति में लोगों को किस प्रकार सुरक्षा मिलेगी। व्यापारियों ने कहा कि बाजार जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पुलिस की देरी की भी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
