रणवीर सिंह चौहान
स्मार्ट हलचल/ भवानी मंडी|भवानीमंडी में आचार्य विशुद्धसागर महाराज के परम प्रभावी शिष्य मुनिद्वय 108 श्री संयतसागर महाराज व श्री विश्वमितसागर महाराज चातुर्मास हेतु विराजमान है। जिनका चातुर्मास कलश स्थापना समारोह सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित किया गया , जिसके तहत मुनिद्वय द्वारा चार माह के लिए मंगल कलश की स्थापना की गई। दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष टीकम जैन चांदवाड़, कोषाध्यक्ष रूपसिंह जैन ने बताया कि चातुर्मास कलश स्थापना के तहत प्रातः काल मुनिद्वय ने अपनी मंगल देशना से आमजन को धर्म लाभ प्रदान किया। जिसके पश्चात मुनिद्वय की आहार चर्या व सामयिक हुआ। दोपहर मे चातुर्मास कलश स्थापना का समारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति से की गई, बालिका मिशिका जैन द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी गई साथ ही बालक अचिंत्य जैन द्वारा स्वयं संगीत बजाकर मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई , चित्र अनावरण बाहर से आए दोनो मुनिराजो के गृहस्थ अवस्था के परिजनो द्वारा किया गया। मुनिद्वय के पाद प्रक्षालन का लाभ युवा मंडल द्वारा लिया गया। जिसके पश्चात आचार्य विशुद्धसागरजी महाराज व दोनो मुनिराजो की अष्ट द्रव्य से समाज के महिला मंडल, बालिका मंडल, पुरुष मंडल, युवा मंडल, पाठशाला के नन्हे मुन्ने बालक बालिकाओं द्वारा भक्तिमय पूजन की गई।
*सौभाग्यशाली परिवारों ने प्राप्त किए मंगल कलश*
प्रथम मुख्य कलश का लाभ सुरेंद्र शिखरचंद टोग्या परिवार रामगंजमंडी, द्वितीय कलश का लाभ राजमल ललित चांदमल बागड़िया परिवार , तृतीय कलश का लाभ उमेश जैन परिवार भिंड सहित अन्य मंगल कलशो में चांदमल प्रभुलाल ज्ञानचंद कैलाश ढंग परिवार बोराव, एक गुप्तकलश, ऋषभ जैन अर्पित जैन सेवालय मेडिकल परिवार, टीकम जैन चांदवाड़, विजय पलाश परख प्रज्जवल गंगवाल परिवार, रावतभाटा यात्री संघ द्वारा प्राप्त किया गया। साथ ही इस अवसर पर मंदिर में सोलर पैनल लगाने पर विजय ब्रदर्स परिवार का व चातुर्मास में भोजन पुण्यार्जक बनने पर ओम जैन नीता जैन परिवार का समाज के पदाधिकारी द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया।
*संपूर्ण देश से समाजजन कार्यक्रम में सम्मिलित होने पहुंचे*
कार्यक्रम मे ईटावा, भिंड, कुंभराज, रावतभाटा, जयपुर, बोराव, पिड़ावा, छिंदवाड़ा, भानपुरा, रामगंज मंडी, मिश्रौली झालरापाटन, झालावाड़ सहित देश के कई स्थानों से श्रद्धालुओ ने भाग लिया। मंच संचालन डॉ अनिल जैन उपहार व संगीतकार हरीश कुमार पिड़ावा द्वारा किया गया।
