“गड्ढों में तब्दील सड़कें और खाली पड़ा अस्पताल बता रहा विकास का सच, प्रेस वार्ता से नहीं जमीनी काम से तय होगा रिपोर्ट कार्ड” — अजय शर्मा
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत और क्षेत्रीय विधायक शंकर सिंह रावत द्वारा भाजपा सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाए जाने के बाद शहर में राजनीतिक सरगर्मां तेज हो गई हैं। भाजपा नेताओं के दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर के अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने तीखा पलटवार किया है। शर्मा ने शहर की बदहाल सड़कों, पेयजल संकट और राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की दुर्दशा को लेकर सरकार को घेरते हुए मंत्री और विधायक को सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती दी है।
एसी कमरों में नहीं, सड़कों पर दिखे विकास
कांग्रेस अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि विकास केवल आंकड़ों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के भाषणों तक सीमित रह गया है। हकीकत यह है कि जिला मुख्यालय की सड़कें गड्डों में तब्दील हो चुकी हैं और आमजन धूल-मिट्टी तथा दुर्घटनाओं से परेशान है। उन्होंने कहा, “मंत्री और स्थानीय विधायक एक दिन गाड़ियों का काफिला छोड़कर आम जनता के साथ शहर की सड़कों पर पैदल निकलें, तो उन्हें एसी कमरों के दावों और धरातल की कड़वी सच्चाई का अंतर अपने आप समझ आ जाएगा।”
अमृतकौर अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा
शर्मा ने जिला अस्पताल अमृतकौर की स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेस वार्ता स्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित यह अस्पताल खुद बीमार है। अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट (निश्चेतक) और विशेषज्ञ डॉक्टरों के महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को गंभीर परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ता में जिले का कैबिनेट मंत्री और विधायक होने के बावजूद आखिर जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं?
कांग्रेस की विरासत संभालने में भी नाकाम रही भाजपा
अजय शर्मा ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ब्यावर की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इसे जिला बनाया था और स्वास्थ्य व बुनियादी ढांचे को मजबूती दी थी। भाजपा सरकार नई कोई बड़ी परियोजना लाना तो दूर, कांग्रेस शासन में हुए विकास कार्यों की देखरेख करने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
सार्वजनिक बहस की चुनौती
भाजपा सरकार के तीन साल के रिपोर्ट कार्ड को खारिज करते हुए अजय शर्मा ने मंत्री अविनाश गहलोत और विधायक शंकर सिंह रावत को सार्वजनिक मंच पर बहस करने का न्योता दिया। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस और भाजपा दोनों के कार्यकालों के तथ्यों, आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर खुली बहस के लिए पूरी तरह तैयार हूं। समय और स्थान मंत्री व विधायक तय कर लें। प्रेस कॉन्फ्रेंस से नहीं, बल्कि ब्यावर की जनता तय करेगी कि किसने काम किया और किसने केवल दावे किए।”
