मृतक के हाथ‑पैर लोहे के तारों से बंधे थे और मुंह पर टेप लगी हुई थी। इस संबंध में मृतक के पुत्र भैरूलाल जैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच में सामने आया कि रोशन गुर्जर, जो मृतक के पास मुनिम का कार्य करता था, बैंक खाते में जमा 70 लाख रुपये निकालने की योजना बना रहा था।
उसने नारायण सरगरा को साथ मिलाकर हत्या की साजिश रची। 19 जुलाई को दोनों ने शोभालाल जैन को अल्टो कार में मंदिर ले जाते समय सुनसान स्थान पर हत्या कर दी और लाश को कुएं में फेंक दिया।
पुलिस ने पहले नारायण सरगरा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में टीम के अथक प्रयास से रोशन गुर्जर को मध्यप्रदेश के सागर ज़िले के चन्द्रपुर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री सागर राणा के आदेशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहाड़ा श्री बुद्धराज और पुलिस उपाधीक्षक मांडल श्री राहुल जोशी के सुपरविजन में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
