सेवा, संस्कार और संगठन का संगम बनी एसबीबीजे निवृत्तिमान सदस्यों की वार्षिक सभा

सुंदरकांड पाठ से हुई शुरुआत, पौधारोपण और ‘एसबीबीजे स्मृति भीलवाड़ा’ स्मारिका के प्रकाशन का लिया संकल्प

सेवानिवृत्ति जीवन का विराम नहीं, बल्कि समाज सेवा का नया अध्याय है: आर.के. जागेटिया

पंकज पोरवाल
भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|पूर्व बैंककर्मियों के अनुभव, सामाजिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक एकजुटता का अनूठा संगम एसबीबीजे निवृत्तिमान सदस्य संस्थान की वार्षिक साधारण सभा में देखने को मिला। इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित सभा में जहां सामूहिक सुंदरकांड पाठ और पौधारोपण के माध्यम से आध्यात्मिक व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं संस्थान की स्मारिका ‘एसबीबीजे स्मृति भीलवाड़ा’ के प्रकाशन की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सभा की अध्यक्षता संस्थान अध्यक्ष गजेंद्र कुमार जैन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर परिसर में श्रद्धापूर्वक सामूहिक सुंदरकांड पाठ से हुआ, जिसके पश्चात सदस्यों ने पौधारोपण कर हरित पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर गजेंद्र कुमार जैन, डी.बी. जोशी, मानसिंह रावत, गोपाल पाराशर, चेनसुख जीनगर, शंभूलाल शर्मा, लादूलाल खोईवाल एवं महावीर टेलर सहित अनेक सदस्यों ने पौधे रोपे। सांस्कृतिक सत्र में मधु शर्मा, सरोज चौहान, सुधा त्रिपाठी एवं सुनीता लोढ़ा ने सामूहिक गणपति वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद विगत वर्ष में दिवंगत हुए संस्थान के सदस्यों को दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संस्थान के सचिव सुमंतु त्रिपाठी ने वार्षिक प्रतिवेदन एवं आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों से सदस्यों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान शीघ्र ही ‘एसबीबीजे स्मृति भीलवाड़ा’ शीर्षक से स्मारिका प्रकाशित करेगा, जिसमें पूर्व बैंककर्मियों के संस्मरण, सामाजिक योगदान और संस्थान के इतिहास को संजोया जाएगा। मुख्य अतिथि प्रहलाद अग्रवाल सहित आर.के. जागेटिया, सुरेंद्र कुमार जैन, उमेश शर्मा एवं के.एन. त्रिपाठी ने संबोधित करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का विराम नहीं, बल्कि समाज सेवा का नया अध्याय है। उन्होंने पूर्व कर्मचारियों के अनुभवों और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी डी.पी. भंडारी ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा नवीन गुप्ता एवं बी.एम. मोदी के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन रमेश चौहान ने किया। कार्यक्रम के समापन पर महाराणा प्रताप के शौर्य पर आधारित जोशीले गीत की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और उत्साह से भर दिया।