टोंक जेल में बंद कैदी की मौत के बाद परिजनों का हंगामा-कलेक्ट्रेट पर धरना,

जेल अधीक्षक को सस्पेंड करने,मौत की जांच और बंदियों से मारपीट के आरोपों पर कार्रवाई की मांग

शिवराज बारवाल मीना
टोंक ।स्मार्ट हलचल|टोंक जिला कारागार (जेल) में बंद कैदी की बुधवार, 12 अगस्त को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत के बाद सोमवार को परिजन एवं ग्रामीण आक्रोशित हो गए। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेल अधीक्षक को सस्पेंड करने, कैदी की मौत की निष्पक्ष जांच कराने तथा जेल में बंदियों के साथ कथित मारपीट के आरोपों पर कार्रवाई की मांग को लेकर टोंक कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
*गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन*
मृतक कैदी गणदेव गुर्जर, निवासी पांवडेरा गांव, थाना चौथ का बरवाड़ा, जिला सवाई माधोपुर, करीब छह महीने से टोंक जिला जेल में बंद था। परिजनों के अनुसार वह जानलेवा हमले एवं एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में जेल में निरुद्ध था।परिजन एवं ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे टोंक के गांधी पार्क पहुंचे और करीब एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे सभी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और परिसर में बैठकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे बाद एडीएम विनोद कुमार मीणा, एसडीएम टोंक सीमा खेतान तथा डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
*कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी*
एडीएम विनोद कुमार मीणा ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि कुछ देर बाद नगर निकायों की लॉटरी निकलने वाली है, जिसके चलते कलेक्टर टीना डाबी व्यस्त हैं। उन्होंने मंगलवार को कलेक्टर से प्रदर्शनकारियों की मुलाकात कराने और बंदियों के इलाज की व्यवस्था को लेकर आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों एवं ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर खाली कर दिया और वापस गांधी पार्क चले गए।
*छह महीने से जेल में बंद था मृतक कैदी गणदेव गुर्जर*
परिजनों के अनुसार गणदेव गुर्जर करीब छह महीने से टोंक जिला जेल में बंद था। बीते दिनों मंगलवार देर रात उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसने सीने में दर्द की शिकायत की। बुधवार सुबह उसे जिला सआदत अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया।जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
*परिजनों ने लगाया जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप*
गणदेव गुर्जर की मौत के बाद परिजनों ने जयपुर अस्पताल में ही हंगामा करते हुए जेल प्रशासन पर उसकी हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि यदि रात में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई थी तो उसे तत्काल अस्पताल क्यों नहीं भेजा गया। परिजनों ने जेल अधीक्षक को सस्पेंड करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
*बंदियों से मारपीट और भूख हड़ताल का भी आरोप*
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने जेल में बंद अन्य बंदियों से कथित मारपीट किए जाने तथा भूख हड़ताल के आरोप भी लगाए। उनका आरोप था कि गणदेव गुर्जर की मौत के बाद जेल में बंदियों ने भूख हड़ताल की और इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई तथा उन्हें खाना नहीं दिया जा रहा था। परिजनों ने कथित मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और जिन बंदियों के साथ मारपीट हुई है, उनका उपचार कराने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी।
*प्रशासन ने दिया आश्वासन*
एडीएम विनोद कुमार मीणा ने परिजनों को मंगलवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात कराने तथा जेल में बंदियों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।