जैसी संगत बैठिए तैसो ही फल देत: साध्वी श्री प्रतिभा श्रीजी

ओम जैन

शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|उपनगरीय क्षेत्र सेंती स्थित शांति भवन में चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान साध्वी श्री प्रतिभा श्री जी आदि ठाणा 4 के प्रवचन जारी है। आपने भक्तामर स्त्रोत के विवेचन मे फरमाया कि संत्सगति ही सुगति दिलाने मे सहायक है। भक्त शिरोमणी आचार्य श्री मानतुंगदेव भक्ति रस मे डुबकर खिले पुष्प और पूर्णमासी चन्द्रमा की भांति प्रसन्नचित होकर प्रभु आदिनाथ के चरणो मे आठवाँ भक्ति पुष्प समर्पित कर रहे है। आपका यह स्रोत महाप्रभावशाली है ‘ निश्चिय ही पापो का नाश करने मे रामबाण औषधी के समान है। सत्य स्वरूप को प्राप्त करने की ईच्छा करने वाले उन्ही सज्जन पुरुषो का हरण कर सकेगा जो आपके स्वरूप मे प्रभुदित भावो मे तल्लीन है। जैसे कमलिनी के पत्ते पर पड़ी हुई ओंस बूँद सूर्य किरण के कारण दूर से देखने वालो को मोती की भांति मन को लुभाती है यही सत्संग का प्रभाव है। किसी ने सही ही कहा है, जैसी संगत बैठिए तैसो ही फल देत।
उन्होंने बताया कि आचार्य मानतुंग स्तुती मे प्रभु की महानता और प्रधानता स्वीकार करके स्वयं हल्के सुन्दर सुरभित फूल बनते है जिस स्तुती मे हे प्रभु आपका नाम जुड़ जाय वह स्तुती सर्वत्र परम आदरणीय हो ही जाती है। सर्वत्र उसका गूंजायमान होने लगता है।
महासाध्वी जी श्री प्रतिभा श्री जी म सा आदि ठाणा के दर्शनार्थ पधारे जैन क्राफेंस के राष्टीय अध्यक्ष अतुल जैन व राष्टीय कार्याध्यक्ष जसवंत जैन का श्री संघ सैंती ने अभिनंदन किया।
श्री संघ प्रवक्ता रोशनलाल चोपड़ा ने बताया कि प्रतिदिन नवकार मंत्र जाप की श्रृंखला मे 19 अगस्त के जाप के लाभार्थी चांदमल नन्दलाल,बालचन्द, प्रकाश, सुनिल, हार्दिक बोलिया रहेंगे। जाप में अधिकाधिक संख्या मे पधारकर धर्म लाभ लेने का आव्हान किया।