शाहपुरा के वार्ड 20 में नामांकन पर सियासी घमासान

कांग्रेस प्रत्याशी शनील चौधरी के नामांकन पर आपत्ति खारिज, शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने की तैयारी

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|नगर पालिका चुनाव 2026 में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान वार्ड संख्या 20 का मामला अचानक सियासी चर्चा का केंद्र बन गया। निर्दलीय प्रत्याशी दुर्गालाल राजौरा ने कांग्रेस प्रत्याशी शनील चौधरी के नामांकन पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए उसे निरस्त करने की मांग की। निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत आपत्ति में ओबीसी प्रमाण-पत्र, कांग्रेस के अधिकृत सिंबल में नाम की कथित काट-छांट तथा अधिकृत प्रत्याशी होने को लेकर सवाल उठाए गए।
नामांकन जांच के दौरान शिकायतकर्ता दुर्गालाल राजौरा को निर्वाचन अधिकारी ने सुना। इसके बाद संबंधित अभ्यर्थी शनील चौधरी का पक्ष भी लिया गया। जांच प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद कांग्रेस नगर अध्यक्ष रमेश सेन से भी निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस के अधिकृत सिंबल एवं प्रत्याशी के संबंध में जानकारी ली। बताया गया कि इस संबंध में एक पत्र पर सहमति भी लिखवाई गई। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने दुर्गालाल राजौरा की ओर से प्रस्तुत आपत्ति को खारिज कर दिया।
आपत्ति में तीन बड़े सवाल
राजौरा ने निर्वाचन अधिकारी को दी लिखित शिकायत में कहा कि वार्ड 20 से कांग्रेस प्रत्याशी शनील चौधरी ने नामांकन के साथ ओबीसी का नया जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया, जबकि उनके अनुसार यह आवश्यक दस्तावेज है।
दूसरी आपत्ति कांग्रेस के अधिकृत सिंबल को लेकर दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस द्वारा जारी सिंबल में मूल नाम ‘अनिल चौधरी’ में काट-छांट कर ‘सानिल चौधरी’ किए जाने का मामला दिखाई देता है। शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि नाम में किए गए कथित सुधार पर सिंबल जारी करने वाले अधिकृत व्यक्ति के कोई इनिशियल मौजूद नहीं हैं। इसी आधार पर भी नामांकन निरस्त करने की मांग की गई।
तीसरी आपत्ति कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी होने को लेकर उठाई गई। राजौरा ने निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि कथित तौर पर अधिकृत सिंबल में नाम की काट-छांट और अन्य दस्तावेजों की स्थिति को देखते हुए नामांकन पत्र की वैधता की जांच की जाए।
फैसले की प्रति मांगी, अब हाईकोर्ट की तैयारी-
निर्वाचन अधिकारी द्वारा आपत्ति खारिज किए जाने के बाद मामला फिलहाल शांत होता नजर नहीं आ रहा। शिकायतकर्ता दुर्गालाल राजौरा ने बताया कि उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से आपत्ति खारिज करने के निर्णय की प्रमाणित प्रति मांगी है। उनका कहना है कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद पूरे मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी।
राजौरा का कहना है कि उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि नामांकन में बताए गए दस्तावेजों और कांग्रेस के अधिकृत सिंबल से जुड़ी आपत्तियों के आधार पर शिकायत प्रस्तुत की है। अब निर्वाचन अधिकारी के निर्णय की प्रति मिलने के बाद वे न्यायालय में पूरे मामले को चुनौती देने की तैयारी में हैं।
चुनावी मैदान से हाईकोर्ट तक पहुंच सकता है मामला-
वार्ड 20 का यह विवाद अब केवल दो प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबले तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर निर्वाचन अधिकारी ने जांच के बाद आपत्ति को खारिज कर कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन बरकरार रखा है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता ने इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती देने का संकेत दिया है।
ऐसे में वार्ड 20 का चुनावी मुकाबला आने वाले दिनों में और दिलचस्प होने के आसार हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्वाचन अधिकारी द्वारा आपत्ति खारिज करने के आदेश में क्या कारण दर्ज किए गए हैं और हाईकोर्ट में यदि रिट दायर होती है तो न्यायालय इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है।