एक दर्जन से अधिक बिंदोलियों ने बांधा समां, वॉलीबॉल प्रतियोगिता में 24 से अधिक टीमों ने दिखाया दमखम; सुरक्षा व्यवस्था के अभाव पर ग्रामीणों में दिखा रोष

मेहरू कलां/भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल)मेहरू कलां गांव में आयोजित वार्षिक लोक देवता वीर तेजाजी के मेले में आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे हजारों मेलार्थियों से पूरा मेला परिसर खचाखच भर गया। एक दर्जन से अधिक बिंदोलियों (वर-घोड़ी जुलूस) के पहुंचने और अलगोजे व ढोल की थाप पर गूंजते लोकगीतों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। हालांकि, मेले में उमड़े भारी जनसमूह के बीच पुलिस जाप्ते की अनुपस्थिति और लचर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखा गया।

अलगोजे की तान पर झूमे ग्रामीण, हाट-बाजार में रही रौनक

मेले के दौरान पारंपरिक लोक गायकों ने अलगोजे की मधुर धुन और ढोल की थाप पर तेजाजी महाराज के भजनों और लोकगीतों की प्रस्तुतियां देकर मेलार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। परिसर में एक दर्जन से अधिक बिंदोलियां पहुंचीं, जिससे मेले का रंग और गहरा हो गया। वहीं जगह-जगह लगे झूले-चकरी, खिलौने, मनिहारी और पारंपरिक मिठाइयों की दुकानों पर महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीदारी व मनोरंजन का आनंद लिया।

⚠️ भारी भीड़ के बीच पुलिस नदारद, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मेले में हजारों की तादाद में ग्रामीणों की भीड़ जुटने के बावजूद कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों की गैरमौजूदगी पर कड़ा रोष जताया। ग्रामीणों का कहना था कि इतनी बड़ी तादाद में भीड़ जुटने के बावजूद पुलिस जाप्ता तैनात न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही।

वॉलीबॉल प्रतियोगिता में दो दर्जन टीमों ने दिखाया दम

सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ मेले में खेलकूद गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। आयोजित वॉलीबॉल प्रतियोगिता में क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबले में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसका उपस्थित ग्रामीणों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। पूरा मेला लोक संस्कृति और खेल गतिविधियों का केंद्र बना रहा।