भीलवाड़ा के रोकड़िया गणेश मंदिर की विशाल प्रतिमा बनी आस्था का केंद्र

पंकज पोरवाल

गर्भगृह में नहीं, मंदिर की छत पर विराजे 21 फीट के गणेशजी, दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं भक्त

मेवाड़ की सबसे बड़ी गणेश प्रतिमाओं में शुमार, मनोकामना धागे से लेकर पाकिस्तान की हिंगलाज माता तक

भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|आमतौर पर मंदिरों में भगवान की प्रतिमा गर्भगृह में विराजमान होती है, लेकिन भीलवाड़ा का रोकड़िया गणेश मंदिर इस परंपरा से अलग है। यहां भगवान गणेश गर्भगृह में नहीं, बल्कि मंदिर की तीसरी मंजिल की छत पर विराजमान हैं। करीब 21 फीट ऊंची विशाल गणेश प्रतिमा दूर से ही दिखाई देती है और यही इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान है। गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं और श्रद्धालुओं का आवागमन भी बढ़ने लगा है। रोकड़िया गणेश मंदिर में स्थापित विशाल गजानन प्रतिमा न केवल शहर, बल्कि मेवाड़ क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आस्था का केंद्र है। मंदिर सेवा समिति के सचिव प्रह्लाद कुमार गर्ग के अनुसार, करीब वर्ष 2007 में इस विशाल प्रतिमा का निर्माण कराया गया था। मंदिर की तीसरी मंजिल पर इतनी बड़ी प्रतिमा स्थापित करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण काम था। विशाल प्रतिमा के निर्माण की कहानी भी कम रोचक नहीं है। प्रतिमा निर्माण की योजना लेकर पहले ओडिशा के कलाकार से संपर्क किया गया, लेकिन तीसरी मंजिल पर प्रतिमा निर्माण की बात सुनकर उन्होंने वहां काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पर्वतसर के कलाकार ने मिट्टी के गजानन का स्वरूप तैयार किया। अंतिम रूप देने का जिम्मा हरियाणा के कलाकार रमेश भाई ने संभाला। करीब एक साल की मेहनत के बाद विशाल प्रतिमा तैयार हुई और इसे मंदिर की छत पर स्थापित किया गया। मंदिर की ऊंचाई पर विराजमान 21 फीट के गणेशजी की प्रतिमा दूर से ही नजर आती है। गणेश उत्सव के दौरान यहां विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन होते हैं। प्रतिमा की भव्यता श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है। राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। विशेष रूप से संतान प्राप्ति और बिगड़े काम बनने की कामना लेकर लोग यहां मनोकामना धागा बांधते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में प्रसादी का आयोजन कर आभार जताया जाता है। रोकड़िया गणेश मंदिर की खासियत केवल विशाल गणेश प्रतिमा तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर भी बने हुए हैं। इनमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध हिंगलाज माता का मंदिर विशेष आकर्षण है। श्रद्धालु यहां हिंगलाज माता के दर्शन कर मनोकामना मांगते हैं। गणेश चतुर्थी के पहले ही शहर में मंदिरों और गणेश पंडालों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। रोकड़िया गणेश मंदिर में भी उत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। विशाल प्रतिमा, मंदिर की अनूठी संरचना और एक ही परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन इसे भीलवाड़ा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अलग पहचान देते हैं। गणेश उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।