रणवीर सिंह चौहान
स्मार्ट हलचल|दोनों ही दलों के प्रमुख नेताओं की नजरे कल के नगर पालिका चुनाव परिणाम पर टिकी हुई है परिणाम के आने से पहले दोनों दलों के नेता एक दूसरे के पार्षदों को भी अपने स्तर पर टटोल रहे हैं पार्षद प्रत्याशी तो सब बाड़े बंदी में है किंतु संभावनाएं सभी तरह की बनी हुई है नगर में इस बार भी गत बार की तरह खरीद फरोख्त हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चा जोरों पर है भवानी मंडी नगर पालिका चुनाव के कल परिणाम सवेरे 11 बजे तक आ जाएंगे किंतु नगर में चर्चा जोरों पर है की असली खेल परिणाम के बाद शुरू होगा हालांकि दोनों ही दल के संभावित पार्षद अभी पूर्णतया पाबंदी में है उनके मोबाइल भी स्विच ऑफ है किंतु जो होना है वह फिर भी होगा गत पालिका अध्यक्ष के चुनाव इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है जब दोनों ही पार्टियों के 19 _19 प्रत्याशी जीते दो निर्दलीय थे और सभी पार्षद भी बा ड़े बंदी में थे फिर भी कांग्रेस प्रत्याशी कैलाश बोरा को 24 मत मिल गए थे यह आज तक पता नहीं चला कि भाजपा के वह तीन पार्षद कौन थे जिन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया था संभावनाएं पुनः वही बन रही है 40 ही वार्डों में मुकाबला कांटे का है कई वार्डों में हार जीत का अंतर 10 से 40 वोटो का भी रह सकता है परिणाम के बाद खरीद फरोख्त हॉर्स ट्रेडिंग की पूरी संभावनाएं बनी हुई है यदि दोनों में से किसी भी एक दल को बहुमत से ज्यादा यानी 25 सिम तक मिलती है तो यह संभावनाएं कम है किंतु अंतर दो या तीन सीटों का रहता है तो संभावनाएं बढ़ जाएगी और फिर शुरू होगा खरीद फरोख्त होर्स ट्रेडिंग का सिलसिला इस बार भवानी मंडी नगर पालिका चुनाव दोनों ही दलों ने बिना मुद्दे और बिना घोषणा पत्र के लड़ा है कांग्रेस के पास जहां बोलने के लिए कुछ नहीं था वहीं भाजपा भी कांग्रेस बोर्ड की विफलताओं को भुना नहीं पाई है हां यह जरूर है कि दोनों ही दलों ने ज्यादातर नए चेहरों पर दाव खेला है मतदाता खामोश रहा है प्रत्याशी अकेले ही पूरे चुनाव प्रचार करते नजर आए मतदाता किसी के साथ नहीं दिखा इसीलिए पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है अब देखना यह है कि कल के परिणाम आने के बाद क्या स्थिति बनती है उसके बाद राजनीति किस करवट हो बैठेगी यह पता चलेगा इस चुनाव में नगर पालिका के कई वार्डों में प्रत्याशियों ने खुलकर खर्च किया है कई वार्डों में भाजपा ने भाजपा को कांग्रेस ने कांग्रेस को भी हराया है भाजपा के नेता और पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर के कांग्रेस में आने के बाद कांग्रेसी खेमे में उत्साह का माहौल है वहीं बीजेपी भी अपने बोर्ड बनाने के लिए पूर्ण आसान्वित नजर आ रही है