हाड़ौती में भाजपा का दबदबा, कोटा नगर निगम समेत चार निकायों में बहुमत

कोटा में भाजपा का बोर्ड तय, बूंदी में निर्दलीयों के पाला बदलने से बदले समीकरण

कोटा-बूंदी निकाय चुनाव: कोटा में भाजपा का बोर्ड तय, बूंदी में तीन निर्दलीयों के भाजपा में जाने से बदले समीकरण

इटावा-सुकेत में निर्दलीय निर्णायक, ईवीएम की गड़बड़ी से कोटा नगर निगम के तीन वार्डों का परिणाम अटका

राहुल पारीक
कोटा/बूंदी।स्मार्ट हलचल |नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों ने हाड़ौती में राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। कोटा नगर निगम समेत सांगोद, रामगंजमंडी और सुल्तानपुर में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में से 99 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें भाजपा ने 55, कांग्रेस ने 40 और निर्दलीयों ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है। वार्ड 87 में ईवीएम खराब होने से मतगणना अटकी हुई है। इसके साथ ही नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है।बूंदी जिले में भी भाजपा ने पांच निकायों में मजबूत स्थिति बनाई है। बूंदी नगर परिषद में शुरुआत में बहुमत से दो सीट दूर रही भाजपा को तीन निर्दलीय पार्षदों के पार्टी में शामिल होने से बहुमत मिल गया। दूसरी ओर इटावा और सुकेत में निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। नैनवां और हिंडोली में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।

### कोटा नगर निगम में भाजपा का दबदबा, पांच वार्डों के परिणाम ईवीएम में गड़बड़ी से अटके

कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बहुमत की स्थिति हासिल कर ली है। 100 वार्डों में से 99 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। भाजपा के खाते में 55, कांग्रेस के 40 और निर्दलीयों के चार वार्ड आए हैं। वार्ड 87 में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतगणना पूरी नहीं हो सकी।

हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के दौरान पांच वार्डों—11, 34, 39, 44 और 87—में ईवीएम से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण परिणाम प्रभावित हुए। प्रशासन ने निर्णय लेते हुए वार्ड 34 और 39 के प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया है। वार्ड 34 से सुरेंद्र गुप्ता अग्रवाल और वार्ड 39 से चेतना माथुर को विजेता घोषित किया गया। इन दोनों वार्डों में प्रत्याशियों की जीत का अंतर खराब ईवीएम में दर्ज मतों से अधिक होने के कारण परिणाम घोषित किए गए।

वहीं वार्ड 11, 44 और 87 में खराब ईवीएम के मतों की संख्या जीत के अंतर से अधिक या उसके बराबर होने के कारण परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। इन तीनों वार्डों की ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए ट्रेजरी में रखवाया जा रहा है। निर्वाचन अधिकारियों के निर्णय के बाद इन मशीनों में दर्ज मतों की गणना की जाएगी।

### वार्ड 87 में मतगणना को लेकर विवाद, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष धरने पर बैठीं

वार्ड 87 में भाजपा की पुष्पा चौधरी और कांग्रेस की लक्ष्मी शर्मा के बीच मुकाबला है। अब तक की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी 88 मतों से आगे चल रही हैं। एक ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतगणना रोक दी गई।

मामले की जानकारी मिलते ही शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम जेडीबी कॉलेज स्थित मतगणना स्थल पहुंचीं। उन्होंने मौके पर मौजूद कलेक्टर एवं एडीएम से बातचीत कर मशीन को सील करवाया।

निर्वाचन अधिकारियों द्वारा खराब ईवीएम में दर्ज मतों की गणना मंगलवार को कराने की बात कहे जाने पर महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद शालिनी गौतम ने आपत्ति जताई और मतगणना स्थल के बाहर धरने पर बैठ गईं।

शालिनी गौतम ने कहा कि खराब ईवीएम में दर्ज मतों की गणना उसी दिन निर्धारित नियमों के तहत निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराई जानी चाहिए। उन्होंने मतगणना में अनियमितता और धांधली की आशंका जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी पारदर्शिता चाहती है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर के निर्देश पर मशीन को सील पैक कर दिया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि टेक्नीशियन के आने तक मशीन नहीं खोली जाएगी।

### रामगंजमंडी में भाजपा को स्पष्ट बहुमत

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। नगर पालिका के 40 वार्डों में भाजपा ने 24, कांग्रेस ने 13 और निर्दलीयों ने दो सीटें जीतीं। वार्ड 27 से कांग्रेस प्रत्याशी पवन बाबेल निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। भाजपा प्रत्याशी रवि मेवाड़ा के नामांकन वापस लेने के बाद यह चुनाव निर्विरोध हुआ।

### सांगोद में भाजपा की निर्णायक बढ़त

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के विधानसभा क्षेत्र सांगोद में भी भाजपा ने बहुमत हासिल किया। 35 वार्डों में भाजपा के 20, कांग्रेस के 11 और निर्दलीयों के चार प्रत्याशी विजयी रहे। बहुमत के लिए जरूरी 18 सीटों से भाजपा काफी आगे रही।

### सुल्तानपुर में भाजपा का बोर्ड तय

सुल्तानपुर नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 11 और निर्दलीय को एक सीट मिली। बहुमत का आंकड़ा 13 होने के कारण भाजपा ने बोर्ड गठन की स्थिति स्पष्ट कर दी है।

### सुकेत में बराबरी, निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी

मंत्री मदन दिलावर के क्षेत्र की नवनिर्मित सुकेत नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला रहा। दोनों दलों ने 10-10 सीटें जीतीं, जबकि चार निर्दलीय विजयी हुए। एक वार्ड की मतगणना शेष है। बहुमत के लिए 13 सीटें जरूरी हैं। ऐसे में निर्दलीयों के समर्थन के बिना किसी भी दल के लिए बोर्ड बनाना संभव नहीं होगा।

### इटावा में कांग्रेस आगे, बोर्ड गठन के लिए जोड़-तोड़ तय

पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र की इटावा नगर पालिका में कांग्रेस ने 16 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 14 सीटें मिलीं। पांच वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। बहुमत का आंकड़ा 17 है। ऐसे में कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों का समर्थन जुटाना होगा।

## बूंदी जिले में भाजपा मजबूत, तीन निर्दलीयों के भाजपा में जाने से बदले समीकरण

बूंदी जिले की एक नगर परिषद और सात नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा ने कई निकायों में मजबूत स्थिति बनाई है। जिले के 229 वार्डों में 774 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हुआ। कुल 1,51,558 मतदाताओं ने मतदान किया।

बूंदी नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा ने 29, कांग्रेस ने 20 और निर्दलीयों ने 11 सीटें जीतीं। परिणाम घोषित होने के बाद वार्ड 1 की प्रभात देवी, वार्ड 3 के आत्माराम चौपदार और वार्ड 16 के विशाल शर्मा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे भाजपा का आंकड़ा 32 हो गया और वह बहुमत के पार पहुंच गई।

### केशवरायपाटन, इंद्रगढ़ और देई में भाजपा आगे

केशवरायपाटन नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा ने 12, कांग्रेस ने तीन और निर्दलीयों ने 10 सीटें जीतीं। यहां भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है।

इंद्रगढ़ में भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने आठ सीटें जीतीं। देई नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा ने 11, कांग्रेस ने सात और निर्दलीयों ने दो सीटें हासिल कीं। दोनों निकायों में भाजपा ने बहुमत प्राप्त किया।

### कापरेन और लाखेरी में करीबी मुकाबला

कापरेन नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के बीच बराबरी का मुकाबला रहा। दोनों दलों ने 11-11 सीटें जीतीं, जबकि तीन वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए। यहां बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा।

लाखेरी नगर पालिका के 35 वार्डों में कांग्रेस ने 17, भाजपा ने 16 और निर्दलीयों ने दो सीटें जीतीं। यहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत के लिए उसे निर्दलीयों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

### नैनवां और हिंडोली में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर

नैनवां नगर पालिका के 25 वार्डों में कांग्रेस ने 11, भाजपा ने आठ और निर्दलीयों ने छह सीटें जीतीं। हिंडोली नगर पालिका में कांग्रेस ने 11 और भाजपा ने सात वार्डों में जीत दर्ज की। दो वार्डों में निर्दलीय विजयी रहे। वार्ड 20 से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।

दोनों निकायों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।

चर्चित चेहरों को झटका

निकाय चुनाव परिणामों में कई चर्चित नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष मुकेश माधवानी टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे, लेकिन चुनाव जीत नहीं सके।

भाजपा ने वार्ड 6 से पूर्व सभापति महावीर मोदी के पुत्र यश मोदी को प्रत्याशी बनाया था। उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के तीन बार के पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष लोकेश सिंह जादौन भी चुनाव हार गए।

नैनवां में भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अखिलेश जैन को भी हार मिली। वहीं कांग्रेस की पूर्व सभापति मधु नुवाल के पुत्र निशांत नुवाल और भाजपा की पूर्व सभापति सरोज अग्रवाल के पति एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने पार्षद पद पर जीत दर्ज की।

निकाय चुनाव के नतीजों ने कोटा-बूंदी में भाजपा को बढ़त दी है, लेकिन इटावा, सुकेत, कापरेन और लाखेरी जैसे निकायों में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। आगामी दिनों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों से इन निकायों में सत्ता के समीकरण और स्पष्ट होंगे।