देवधाम जोधपुरिया में प्रतिभाओं का महाकुंभ-550 प्रतिभाओं का सम्मान,

14वें राज्य स्तरीय गुर्जर प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा, खेल, प्रशासन, चिकित्सा व तकनीकी क्षेत्र की प्रतिभाएं सम्मानित

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/निवाई। स्मार्ट हलचल|देवधाम जोधपुरिया में श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट एवं गुर्जर प्रतिभा विकास समिति राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 14वें राज्य स्तरीय गुर्जर प्रतिभा सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली 550 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। राजस्थान सहित अन्य राज्यों से पहुंचे हजारों समाजबंधुओं की मौजूदगी में समारोह भव्य रूप में आयोजित हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रमुख शासन सचिव अरुण कुमार गुर्जर ने कहा कि प्रतिभाएं समाज की सबसे बड़ी पूंजी और अमूल्य धरोहर हैं। प्रतिभाओं का सम्मान युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। शिक्षा के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र का विकास संभव है। सेवानिवृत्त आईपीएस महानिदेशक रामनिवास यादव ने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम और समर्पण के साथ लक्ष्य प्राप्त करने का आह्वान किया। दिल्ली हाईकोर्ट के सेक्शन जज वीरेन्द्र सिंह ने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं कौशल विकास पर जोर दिया। महामंडलेश्वर बालकानन्द महाराज एवं महंत कर्मानन्द महाराज के सान्निध्य में आयोजित समारोह में संतों ने शिक्षा और संस्कार को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया तथा युवाओं से नैतिक मूल्यों के साथ समाज व राष्ट्र सेवा का आह्वान किया।
श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट जोधपुरिया के अध्यक्ष नरेश कुमार गुर्जर (तहसीलदार) ने कहा कि ट्रस्ट बालिका शिक्षा, प्रतिभा विकास और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। महामंत्री रतनदीप गुर्जर ने शिक्षा को समाज की प्रगति का मजबूत आधार बताया। कोषाध्यक्ष जगदीश नारायण बोकण ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह में प्रो. रामकैलाश गुर्जर, कुलदीप महुआ, डॉ. के.एल. गुर्जर, सुरेश डोई, समारोह संयोजक सुरेश हरसल, प्रधानाचार्य गिरिराज प्रसाद गुर्जर, राजस्व अधिकारी रामसिंह गुर्जर सहित अनेक शिक्षाविद, अधिकारी, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह में शिक्षा, संस्कार, सामाजिक एकता और युवा सशक्तिकरण का संदेश प्रमुखता से सामने आया।