दशलक्षण महापर्व का शुभारंभ, जिनालयों में उमड़ी श्रद्धा

प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की आराधना, भगवान महावीर का स्वर्ण कलश से अभिषेक

अनिल कुमार खींची

ब्यावर।स्मार्ट हलचल|श्री दिगंबर जैन समाज के दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व का शुभारंभ बुधवार को धार्मिक उल्लास एवं भक्तिभाव के साथ हुआ। महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की गई। शहर के विभिन्न जिनालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।श्री दिगंबर जैन पंचायती नसियांजी में मूलनायक भगवान महावीर स्वामी का स्वर्ण कलश से अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके बाद श्रावक-श्राविकाओं ने विशेष पूजा-अर्चना कर उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की। जिनालय में मंत्रोच्चार एवं भक्ति से वातावरण धर्ममय बना रहा।

महापर्व के अवसर पर जैन श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर से पधारे विद्वान प्राचार्य एवं नगर गौरव अरुण कुमार जैन शास्त्री ने तत्त्वार्थ सूत्र एवं दशलक्षण धर्म पर प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि दशलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि, आत्मचिंतन और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अवसर है।

शाम को आरती के बाद उत्तम क्षमा धर्म पर प्रवचन में शास्त्री ने कहा कि क्षमा आत्मा का धर्म है। क्रोध, कटुता और कलह से अशांति बढ़ती है, जबकि क्षमा, सहनशीलता और समता जीवन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने दशलक्षण धर्म को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए उसे दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

आज उत्तम मार्दव धर्म की आराधना

दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन गुरुवार को उत्तम मार्दव धर्म की पूजा-अर्चना एवं आराधना की जाएगी। महापर्व के दौरान प्रतिदिन एक धर्म की विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन होंगे।