पहली बार विमान में बैठे बच्चे, ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ ने यादगार बनाया दिल्ली भ्रमण

सपनों को मिली उड़ान, पहली बार विमान में बैठे सरकारी स्कूल के 15 मेधावी विद्यार्थी
राउंड टेबल इंडिया की ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ पहल के तहत दिल्ली भ्रमण, ऐतिहासिक स्थलों का किया अवलोकन

कोटा।स्मार्ट हलचल|सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को नए अनुभवों से जोड़ने और उनके सपनों को उड़ान देने की दिशा में राउंड टेबल इंडिया की कोटा सिटी राउंड टेबल 358 (KCRT 358) की ओर से ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ (FOF) पहल के तहत अनूठी पहल की गई। अध्यक्ष रोहित जैन के नेतृत्व में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, रोजड़ी के कक्षा 8 के 15 मेधावी विद्यार्थियों को पहली बार हवाई यात्रा और दिल्ली भ्रमण का अवसर मिला। इनमें पांच छात्र और 10 छात्राएं शामिल रहे। इस दौरान एरिया वाइस चेयरमैन किनशुक जैन, सचिव रमन भाटिया एवं सिद्धार्थ गौतम उपस्थित रहे।

दिल्ली में इतिहास और संस्कृति से रूबरू हुए बच्चे

यात्रा के दौरान विद्यार्थी ट्रेन से दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार और लोटस टेंपल जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया। इन स्थलों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की समृद्ध विरासत, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझने का अवसर मिला। कक्षा की पढ़ाई से बाहर निकले बच्चों के लिए यह अनुभव सीखने के साथ-साथ उत्साह और जिज्ञासा से भरा रहा।

पहली हवाई यात्रा बनी यादगार

यात्रा का सबसे खास पड़ाव उस समय आया, जब बच्चों ने दिल्ली से जयपुर की अपनी पहली हवाई यात्रा की। विमान में पहली बार बैठने और आसमान में उड़ने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए रोमांचकारी रहा। विमान के सफर के दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। उनके चेहरों पर झलकती खुशी और उत्सुकता ने इस पहल को यादगार बना दिया।
जयपुर पहुंचने के बाद विद्यार्थियों ने पत्रिका गेट का भ्रमण किया और फोटोशूट कराया। इसके बाद द फोर्ट में रात्रिभोज का आयोजन किया गया। पूरे भ्रमण के दौरान बच्चों ने नए स्थानों को देखा और अपने अनुभवों को यादों में संजोया।

बच्चों के सपनों को उड़ान देना उद्देश्य
अध्यक्ष रोहित जैन ने कहा कि ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को नए अनुभवों से जोड़ना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना है। बच्चों को पहली बार हवाई यात्रा कराना और देश की ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी ही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता है।