गुरु भगवंतों के चरणों में पहुँचीं बहनें, माँगी क्षमा पर्युषण महापर्व पर प्राज्ञ एवं भीलवाड़ा शहर महिला मंडल का खमत-खामणा कार्यक्रम

भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल|पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर आत्मशुद्धि, विनय एवं क्षमाभाव की भावना को आत्मसात करते हुए श्री प्राज्ञ जैन महिला मंडल एवं भीलवाड़ा शहर महिला मंडल की बहनें शहर में विभिन्न स्थानों पर विराजमान साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन एवं खमत-खामणा के लिए पहुँचीं।
महिला मंडल की बहनों ने अरिहंत भवन, कांचीपुरम, शांति भवन, अहिंसा भवन, प्राज्ञ भवन, समता भवन सहित विभिन्न स्थानकों में विराजमान गुरु भगवंतों के दर्शन कर मन, वचन एवं काय से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए विनम्रतापूर्वक क्षमा याचना की।
शांति भवन में विराजमान युवा आचार्य भगवान महेंद्र ऋषि जी महाराज साहब आदि ठाणा के सान्निध्य में बहनों ने खमत-खामणा किया। साथ ही सभी गुरुणी जी महाराज साहब आदि ठाणा के भी दर्शन-वंदन एवं आशीर्वाद का लाभ प्राप्त किया। अन्य स्थानों पर विराजमान साधु भगवंतों के दर्शन कर भी बहनों ने श्रद्धापूर्वक क्षमा याचना की।
इस अवसर पर भीलवाड़ा शहर महिला मंडल अध्यक्ष मधु लोढ़ा एवं श्री प्राज्ञ जैन महिला मंडल अध्यक्ष मधु मेड़तवाल ने कहा कि पर्युषण आत्मावलोकन और आत्मशुद्धि का पर्व है। गुरु भगवंतों के चरणों में जाकर क्षमा माँगना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने अहंकार को त्यागकर आत्मा को निर्मल बनाने का आध्यात्मिक प्रयास है। गुरु भगवंतों से प्राप्त आशीर्वाद, मंगलपाठ एवं मांगलिक श्रवण के साथ बहनों ने पच्चक्खाण के नियम लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया और मंगलभावना के साथ वहाँ से प्रस्थान किया।
दोनों महिला मंडलों की बहनों में इस अवसर पर विशेष श्रद्धा, विनय और आत्मीयता का भाव देखने को मिला। सभी ने एक-दूसरे से भी क्षमा याचना करते हुए “मिच्छामि दुक्कडम्” कहा और पर्युषण महापर्व की सच्ची भावना—क्षमा, मैत्री और आत्मशुद्धि—को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संरक्षिका सुनीता पिपाड़ा, ज्योति पोखरना, सुशीला छाजेड़, प्रेमबाई खमेसरा, अजबदेवी लोढ़ा, सरिता सिंघवी, अंजू भंडारी, समता सुराणा, सीमा डांगी, अर्पिता खमेसरा, नमिता डांगी, तारा छाजेड़, सुनीता बागचार, सुशिला खमेसरा, सुनीता बिरानी, रेखा डांगी, इंदिरा डांगी पिंकी कोठारी ज्योति कोठारी ललिता पीपाड़ा समता सुराणा नीलम सेठी,नैना देवी कुकड़ा, इंदिरा खमेसरा,चंदना भंडारी सहित बड़ी संख्या में बहनें उपस्थित रहीं।