कठूमर पंचायत समिति में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े

दिनेश लेखी
बिल भुगतान के बदले मांगी थी, सत्यापन के बाद एसीबी ने बिछाया जाल; एईएन से 25 हजार और जेईएन से 10 हजार रुपए बरामद

कठूमर। स्मार्ट हलचल|पंचायत समिति कठूमर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी ने सहायक अभियंता शिवराम मीणा को 25 हजार रुपए तथा कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
एसीबी के अनुसार ग्राम पंचायत बडौदाकान में एफएसएसी योजना के तहत टेंडर के माध्यम से राजीव गांधी सेवा केंद्र ईटोला का मरम्मत कार्य कराया गया था। इस कार्य का करीब 2 लाख 52 हजार रुपए का बिल पंचायत समिति कठूमर में भुगतान के लिए लंबित था। बिल पास करवाने के लिए परिवादी ने सहायक अभियंता शिवराम और कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान से संपर्क किया।
शिकायत के अनुसार बिल पास करने की एवज में सहायक अभियंता द्वारा 40 हजार रुपए तथा कनिष्ठ अभियंता द्वारा 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। मामले में एसीबी चौकी भिवाड़ी को शिकायत मिलने के बाद 18 सितंबर 2026 को रिश्वत मांग का सत्यापन कराया गया।
*सत्यापन में मांग की पुष्टि, पहले भी लिए थे 15 हजार रुपए*
सत्यापन के दौरान सहायक अभियंता शिवराम द्वारा 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। परिवादी द्वारा राशि कम करवाने पर सौदा 35 हजार रुपए में तय हुआ। सत्यापन के दौरान सहायक अभियंता द्वारा 10 हजार रुपए प्राप्त करना और शेष 25 हजार रुपए बाद में लेने पर सहमति बनी।
इसी प्रकार कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान द्वारा 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। सत्यापन के दौरान 5 हजार रुपए मौके पर लेने तथा शेष 10 हजार रुपए बाद में लेने की बात सामने आई।
*बाकी रकम देने के दौरान एसीबी ने दबोचा*
मंगलवार को कठूमर में एसीबी चौकी भिवाड़ी ने जाल बिछाकर ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शिवराम को 25 हजार रुपए तथा कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
इस कार्रवाई डॉ. रामेश्वर सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस, एसीबी के सुपरवीजन में तथा एसीबी चौकी भिवाड़ी के प्रभारी एवं ट्रैप अधिकारी पुलिस निरीक्षक सुरजीत सिंह के नेतृत्व में की गई।
एसीबी के अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ एवं आगे की कार्रवाई जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।