जहाजपुर में बेखौफ दौड़ रहीं बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां: पुलिस व प्रशासन की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल, तस्वीरें सामने आने से मचा हड़कंप

सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर हो रहा परिवहन; रवन्ना और भार क्षमता की जांच नदारद, ग्रामीणों ने खनिज व पुलिस विभाग से संयुक्त कार्रवाई की उठाई मांग

जहाजपुर (स्मार्ट हलचल/अलकेश पारीक)

जहाजपुर कस्बे और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बजरी के अनियंत्रित परिवहन को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाएं कठघरे में हैं। जहाजपुर थाना क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं। इसी बीच बजरी जैसी सामग्री से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की तस्वीरें सामने आने के बाद खनिज परिवहन की निगरानी और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सड़क सुरक्षा पर मंडराता खतरा, नियमों की उड़ रहीं धज्जियां

बजरी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आवागमन के बीच सड़क सुरक्षा का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। क्षमता से अधिक भार (ओवरलोड) लेकर तेज रफ्तार में दौड़ने वाले वाहन आम राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना प्रभावी जांच के वाहनों का संचालन होने से नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।

🛑 बजरी परिवहन पर स्थानीय ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

  • परिवहन में लगे वाहनों के रवन्ना (ई-ट्रांजिट पास), भार क्षमता व पंजीकरण दस्तावेजों की नियमित जांच हो।
  • पुलिस, खनिज विभाग और परिवहन विभाग मिलकर संवेदनशील मार्गों पर संयुक्त निगरानी दल तैनात करें।
  • अवैध बजरी के स्रोत और अनधिकृत परिवहन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जब्ती की जाए।
  • विभागीय निरीक्षणों एवं जब्तियों की रिपोर्ट सार्वजनिक कर जनता का विश्वास बहाल किया जाए।

जिम्मेदार विभागों से ठोस कदम उठाने की उम्मीद

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि क्षेत्र में नियम विरुद्ध तरीके से खनिज का परिवहन हो रहा है, तो उस पर स्थाई अंकुश कब लगेगा? क्या पुलिस और खनिज विभाग मिलकर नियमित नाकाबंदी कर सख्त कार्रवाई करेंगे, या बजरी से भरे वाहनों की बेलगाम आवाजाही इसी तरह जारी रहेगी? अब देखना यह है कि प्रशासन इन शिकायतों को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।