‘ऑपरेशन शंकर’ के तहत उदयपुर में 11.76 करोड़ की गांजे की फसल नष्ट
✍️राकेश मीणा
उदयपुर/जयपुर/जोधपुर। स्मार्ट हलचल|राजस्थान में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों ने उदयपुर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन शंकर’ के तहत कोटड़ा तहसील के नयावास गांव में करीब 9.4 बीघा भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई गांजे की फसल को नष्ट किया गया। कार्रवाई में लगभग 7,577 पौधे मौके पर ही नष्ट किए गए। अनुमान के अनुसार इनसे करीब 2,273 किलोग्राम गांजा तैयार हो सकता था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11.76 करोड़ रुपए आंकी गई है।
NCB, ANTF और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जोधपुर के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी (IRS) ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ विशेष संयुक्त प्रवर्तन अभियान ‘ऑपरेशन शंकर’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत NCB जोधपुर, राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने उदयपुर जिले में कार्रवाई की।
टीम ने नयावास गांव में चिन्हित जमीन पर पहुंचकर अवैध रूप से उगाई गई गांजे की फसल को नष्ट किया। मामले में NCB जोधपुर ने अपराध संख्या 07/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पटवारियों की जिम्मेदारी तय, 48 घंटे में देनी होगी रिपोर्ट
अवैध मादक फसलों की खेती पर निगरानी मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने राजस्व अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। पटवारियों को गिरदावरी के दौरान अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने तथा संदिग्ध अवैध खेती मिलने पर तत्काल गिरदावर और तहसीलदार को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
सूचना मिलने के बाद गिरदावर को मौके पर जाकर भूमि का विवरण, काश्तकार, फसल का क्षेत्रफल और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जुटानी होगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर ANTF और NCB को भेजना अनिवार्य किया गया है।
लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक फसलों की जानकारी देने या रिपोर्ट भेजने में किसी भी तरह की देरी अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। जिला कलेक्टरों को पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिसंबर 2027 तक अवैध खेती खत्म करने का लक्ष्य
यह अभियान ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट’ के तहत चलाया जा रहा है। इसके तहत चिन्हित क्षेत्रों में अवैध गांजा और अफीम (पोस्त) की खेती को दिसंबर 2027 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अभियान में केंद्र और राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जिला प्रशासन तथा स्थानीय स्तर के संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। उदयपुर में हुई कार्रवाई को इसी समन्वित अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।