पीएचसी के बगल छह बेड का अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी?

छात्र की मौत के बाद भी निगरानी पर सवाल, दूर-दराज के क्लीनिकों पर कार्रवाई तो पास के अस्पताल की जांच कब?

विजयीपुर/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के ठीक बगल बाईं ओर की गली में अस्पताल की बाउंड्री के पीछे कथित तौर पर बिना बोर्ड के छह बेड का अस्पताल संचालित होने का मामला सामने आया है। पीएचसी से चंद कदमों की दूरी पर इस अस्पताल के संचालन की जानकारी के बावजूद उसके पंजीकरण और मानकों की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जिले में मानकों के विपरीत संचालित क्लीनिकों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन पीएचसी के बगल में बताए जा रहे इस अस्पताल की वैधानिक स्थिति को लेकर सवाल हैं। क्या अस्पताल का पंजीकरण है? यहां योग्य चिकित्सक तैनात हैं या नहीं? मरीजों के उपचार के लिए निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं? इन बिंदुओं पर विभागीय जांच जरूरी है। स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत की चर्चाएं भी हैं, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ दिन पहले पीएचसी के पास संचालित एक अन्य क्लीनिक में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद छात्र शशांक की मौत का मामला सामने आया था। इस घटना ने क्षेत्र में निजी चिकित्सा संस्थानों की निगरानी पर सवाल खड़े किए थे। अब पास में छह बेड का अस्पताल संचालित होने की जानकारी सामने आने से विभागीय कार्यप्रणाली फिर चर्चा में है। हालांकि, दोनों संस्थानों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देशों के बीच सवाल है कि इस अस्पताल का निरीक्षण हुआ या नहीं? नोटिस जारी किया गया है या नहीं? विजयीपुर चिकित्सा प्रभारी और सीएमओ को मौके पर जांच कर अस्पताल के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, बेड और उपचार सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग जांच कर जवाबदेही तय करता है या मामला फाइलों तक सीमित रहता है।
इस संबंध में सीएससी प्रभारी बृजेश पांडेय ने बताया कि अवैध अस्पताल की जानकारी नहीं है जानकारी मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी