राजस्थान के धर्मचंद आचार्य को मिला ‘गांधी अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मान 2026’: शिक्षा व समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों पर हुए सम्मानित

गांधी नगर साहित्य सेवा संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट ने वर्चुअल समारोह में देश-विदेश की 20 प्रमुख हस्तियों को किया अलंकृत; गंगरार के कल्पवृक्ष धाम फलोदी में प्रबोधक हैं आचार्य

गंगरार/चित्तौड़गढ़ (स्मार्ट हलचल)शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा एवं जरूरतमंदों की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राजस्थान के प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाजसेवी धर्मचंद आचार्य को प्रतिष्ठित ‘गांधी अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है। गांधी नगर साहित्य सेवा संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट (गुजरात) की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल समारोह (गूगल मीट) में देश-विदेश की 20 प्रमुख विभूतियों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

गूगल मीट पर आयोजित हुआ अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह

ऑनलाइन आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि श्री सिद्ध रूपा मिशन आश्रम (बेंगलुरु) के अध्यक्ष पूज्य श्री अरुंधा भारती स्वामी जी रहे। समारोह की अध्यक्षता ट्रस्ट के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेश अलियास मलकप्पा ने की। इस अवसर पर संस्था के फाउंडर अध्यक्ष डॉ. गुलाब चंद पटेल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भरूच (गुजरात) की शिक्षाविद् नसीम बानु द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मंच संचालन श्रीमती आचार्य विनीता लावण्या ने किया, जबकि आयोजन में अनिता तोमर का सक्रिय सहयोग रहा।

🛑 गांधी अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मान 2026 : मुख्य बिंदु

  • आयोजक: गांधी नगर साहित्य सेवा संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट, गुजरात।
  • सम्मानित व्यक्तित्व: धर्मचंद आचार्य (प्रबोधक लेवल-2, राउप्रावि कल्पवृक्ष धाम फलोदी, गंगरार)।
  • सहभागी हस्तियां: देश एवं विदेश से चयनित 20 विशिष्ट समाजसेवी व शिक्षाविद।
  • सम्मान का आधार: शिक्षा प्रसार, स्वास्थ्य सेवा, वंचितों की सहायता एवं सामाजिक समरसता।

राउप्रावि कल्पवृक्ष धाम फलोदी में प्रबोधक हैं धर्मचंद आचार्य

श्री धर्मचंद आचार्य शिक्षा एवं चिकित्सा के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने के लिए निरंतर सक्रिय रहते हैं। अपने मानवीय सरोकारों के चलते वे पूर्व में भी अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत हो चुके हैं। वर्तमान में वे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कल्पवृक्ष धाम फलोदी (पंचायत समिति गंगरार, जिला चित्तौड़गढ़) में प्रबोधक लेवल-2 के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उनके इस सम्मान से क्षेत्र के शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों में हर्ष की लहर है।