भरत देवड़वाल
सद्भावना और एकता का प्रतीक बना नायल भोमिया बाबा का लक्खी मेला,*
जमवारामगढ़।स्मार्ट हलचल|जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव झोल-क्यारा-मानोता, कैलाशपुरी स्थित श्री श्री 1008 श्री नायल भोमिया बाबा का भव्य सद्भावना मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। आदिवासी मीणा समाज के देवड़वाल गोत्र के आराध्य कुलदेव बाबा के दरबार में प्रथम नवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु उमड़ पड़े।मंदिर कमेटी द्वारा मेले की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। मेले में भजन-कीर्तन, जागरण, पद-दंगल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। यह मेला महत्वपूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें देवड़वाल गोत्र के लोग संपूर्ण राजस्थान सहित देशभर से पदयात्राएं लेकर आते हैं और बाबा के दरबार में हाजरी देते हैं।
मान्यता है कि देवड़वाल वंश की उत्पत्ति श्री नायल भोमिया बाबा से हुई है, और क्यारा-झोल उनकी जन्मस्थली है। इसलिए हर प्रथम नवरात्रि को देवड़वाल बंधु अपनी जन्मस्थली पर आकर अपने कुलदेव श्री नायल भोमिया बाबा और कुलदेवी चामुंडा माता के चरणों में दंडवत करते हैं। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है।
*मेला सद्भावना का प्रतीक – डॉ. हरसहाय मीणा*
आईएएस डॉ. हरसहाय मीणा ने कहा कि यह मेला देवड़वाल गोत्र की गहरी आस्था और आपसी प्रेम-सद्भावना का प्रतीक है। लोग बाबा के दरबार में मन्नत मांगने और एक-दूसरे से मिलने आते हैं। वर्षों से यह मेला क्यारा-कैलाशपुरी में आयोजित होता आ रहा है।
*न्याय और कल्याण की प्रेरणा देता है दरबार*
पंच-पटेलों व मंदिर समिति ने बताया कि पीढ़ियों से यह दरबार जन-जन की आस्था का केंद्र है और न्याय, वीरता व कल्याण की प्रेरणा देता है। मेले में विशाल भंडारे और दंगल कार्यक्रम में लाखों लोगों ने भाग लिया। सुरक्षा के लिए पुलिस जाप्ता तैनात रहा और पूरा परिसर CCTV निगरानी में रहा।
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्रपाल मीणा, आईएएस डॉ. हरसहाय मीणा, पूर्व विधायक जगदीश मीणा, गोपाल मीणा, आदिवासी सेवा संघ तहसील अध्यक्ष गोपाल मीणा, डॉ.आरडी मीणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष शेर सिंह, कमेटी अध्यक्ष अध्यक्ष जगदीश मीणा, उपाध्यक्ष रामदयाल मीणा, कोषाध्यक्ष हरसहाय मीणा, सचिव रामकुंवार मानोता, महामंत्री रामकुंवार बाढ़, घनश्याम नाडा की ढाणी, रामनिवास देव डूंगरी, गणेश राज बाढ़ छौरियां, छात्र नेता रोहिताश मीणा लालाराम मीणा बाढ़, भरत देवड़वाल पत्रकार बाढ़ छौरियां, सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि समाज सेवी आदि मौजूद रहे।
दूर-दराज से आई पदयात्रियों के लिए समाजसेवियों ने चाय, शिकंजी, फल, भोजन प्रसादी की व्यवस्था की। कलाकारों ने गीतों के माध्यम से भाईचारे, शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य का संदेश दिया। इस दौरान मंदिर समिति ने मेलें में पधारें हुए सभी अतिथियों, भामाशाहों समाजसेवियों और पत्रकारों का माला-दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया।