भगवान श्रीराम लक्ष्मीनाथ मंदिर से बेवान में विराजकर पहुंचे दशहरा मैदान
काछोला 20 अक्टूबर -स्मार्ट हलचल|कस्बे में सात सौ वर्षों से चली आ रही परम्परा का पं पुरुषोत्तम पाराशर ने मिट्टी से निर्मित रावण की प्रतिमा का नाभि में तीर चलाकर रावण का वध किया।इससे पूर्व बड़े मंदिर से भगवान श्रीराम लक्ष्मीनाथ मंदिर से बेवाण में विराजकर दशहरा मैदान पहुंचते है।जगह बेवाण में बिराजमान भगवान का पुष्प वर्षा से स्वागत कर पूजा अर्चना कर अपने व परिवारजनों के लिए सुख,शांति,उन्नति प्रगति,समृद्धि, खुशहाली की प्रार्थना की।वही नई आबादी स्तिथ दशहरा मैदान में राम व रावण की सेना का मिट्टी से निर्मित रावण के पुतले के समक्ष व्यंग्य प्रहार दोहा पाठ किया,इस पर रावण की सेना राम की सेना से व्यंग्य प्रहार में हार जाती है,उसके बाद भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ रावण वध किया गया।वध के बाद भगवान श्रीराम की सेना ढोल नगाड़ों व जयकारों के साथ सदर बाजार होते हुए पुनः लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ श्रद्धालुओं द्वारा बेवाण में बिराजमान भगवान श्रीराम की विधि विधान व वैदिक मंत्रोचारन के साथ पूजा अर्चना कर मंदिर में विराजमान किया।इस मौके पर सैकड़ो श्रद्धालु उपस्तिथ थे।