किसानों के कृषि कुओं को निशाना बनाने वाली केबल चोर गैंग का पर्दाफाश

जैतारण पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा, 30 किलो तांबा और वारदात में प्रयुक्त पिकअप बरामद; दो आरोपी फरार

अनिल कुमार खींची

ब्यावर/जैतारण।स्मार्ट हलचल।किसानों के कृषि कुओं से तांबे की केबल चोरी करने वाले गिरोह का जैतारण पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की केबल से निकाले गए करीब 30 किलो तांबे के तार और वारदात में प्रयुक्त पिकअप जीप बरामद की गई है। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस गिरोह से जुड़ी अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में भी अनुसंधान कर रही है।

पुलिस के अनुसार, अजमेर रेंज के महानिरीक्षक डॉ. रवि सभरवाल और ब्यावर पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देश पर कृषि कुओं से केबल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया एवं जैतारण वृत्ताधिकारी रमेन्द्र सिंह हाड़ा के सुपरविजन में थानाधिकारी नरेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी सहयोग और पारंपरिक पुलिस तरीकों से जांच करते हुए आरोपियों को दस्तयाब किया। अनुसंधान के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

चार कृषि कुओं से 750 फीट केबल चोरी

मामले में बोगासनी निवासी भंवरलाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 26 और 27 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि में गांव में उनके कृषि कुएं सहित चार कृषि कुओं से अज्ञात चोर करीब 750 फीट तांबे की केबल काटकर ले गए। इस पर जैतारण पुलिस थाने में प्रकरण संख्या 451/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

गिरफ्तार आरोपी, दो की तलाश

पुलिस ने मंगलनाथ (20) निवासी नाथों की आसन, निम्बोल तथा दिनेश कुमार (20) और रामनिवास (30), दोनों निवासी चौकीदारों का बास, निम्बोल को गिरफ्तार किया है। वहीं, लक्ष्मण और कमलेश निवासी चौकीदारों का बास, निम्बोल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

केबल जलाकर निकालते थे तांबा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर केबल से निकाले गए करीब 30 किलो तांबे के तार और चोरी की पिकअप जीप बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य कृषि कुओं पर हुई केबल चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में जैतारण थानाधिकारी नरेश कुमार शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मनोहरलाल, कांस्टेबल राकेश नंबर 498 और कांस्टेबल अशोक नंबर 417 की विशेष भूमिका रही। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों का पता लगाने में जुटी है।