रेलवे परिसर में बाल भिक्षावृत्ति और तस्करी रोकने की पहल, आरपीएफ ने यात्रियों को किया जागरूक
1098 पर सूचना देकर बचा सकते हैं संकट में फंसे बच्चों का भविष्य
भीलवाड़ा, 23 अक्टूबर
स्मार्ट हलचल|रेलवे परिसर में बाल भिक्षावृत्ति, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण की रोकथाम के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की ओर से संयुक्त जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। इस दौरान यात्रियों और आमजन को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा तथा संकटग्रस्त बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान आरपीएफ प्रभारी विक्रम सिंह चौधरी, आरपीएफ पुलिसकर्मियों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक राधेश्याम गुर्जर एवं सुमन साहू ने रेलवे परिसर में मौजूद यात्रियों और आमजन से संवाद किया। टीम ने बताया कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है। बाल भिक्षावृत्ति, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
टीम ने लोगों को समझाया कि रेलवे परिसर में कोई बच्चा भिक्षावृत्ति करता हुआ, असहाय अवस्था में या किसी संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। इसी तरह, किसी बच्चे के अपहरण, तस्करी या शोषण से जुड़ी आशंका होने पर भी संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
आरपीएफ एवं चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने आमजन से अपील की कि बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतें और उनकी सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी समझें। जागरूकता, सतर्कता और समय पर सूचना के माध्यम से बच्चों को शोषण एवं तस्करी के खतरे से बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
इस जागरूकता गतिविधि का उद्देश्य भीलवाड़ा रेलवे परिसर को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित बनाना, बाल अधिकारों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाना रहा।