वरिष्ठ अध्यापकों के तृतीय एसीपी प्रकरणों में अनावश्यक आक्षेपों पर शिक्षक संघ नाराज

तृतीय एसीपी प्रकरणों में अनावश्यक आक्षेपों पर शिक्षक संघ सियाराम नाराज
संयुक्त निदेशक को ज्ञापन भेजकर बकाया प्रकरणों के निस्तारण की मांग
भीलवाड़ा, 28 अक्टूबर। स्मार्ट हलचल|राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने वरिष्ठ अध्यापकों के तृतीय एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) प्रकरणों में अनावश्यक और अव्यावहारिक आक्षेप लगाए जाने पर नाराजगी जताई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने स्कूल शिक्षा, अजमेर मंडल के संयुक्त निदेशक प्रेमचंद अजमेरा को ज्ञापन भेजकर इन प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा बकाया तृतीय एसीपी स्वीकृति आदेश जारी करने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि संयुक्त निदेशक कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी द्वारा वरिष्ठ अध्यापकों के तृतीय एसीपी प्रकरणों में स्थायीकरण एवं प्रथम एसीपी से संबंधित मामलों को लेकर अनावश्यक आक्षेप लगाए जा रहे हैं। इससे शिक्षकों के प्रकरणों का निस्तारण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों में तत्कालीन नियुक्ति व्यवस्था और सक्षम अधिकारियों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि सत्र 1998-99 में तृतीय श्रेणी अध्यापकों की भर्ती जिला परिषद के माध्यम से हुई थी। उस समय संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी द्वारा नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। ये शिक्षक पंचायती राज विभाग के अधीन कार्यरत थे और इन पर जिला शिक्षा अधिकारी का सीधा नियंत्रण नहीं था। जिला शिक्षा अधिकारी न तो इनके नियुक्ति आदेश जारी करते थे और न ही स्थायीकरण एवं एसीपी स्वीकृति के आदेश जारी करने के लिए जिम्मेदार थे।
उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षकों के स्थायीकरण एवं प्रथम एसीपी प्रकरण पंचायत समिति की स्थापना समिति अथवा शिक्षा स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद सक्षम अधिकारी ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेशों के आधार पर निस्तारित किए गए थे। ऐसे में तत्कालीन व्यवस्था के तहत जारी इन आदेशों पर वर्तमान में अनावश्यक आपत्तियां लगाना उचित नहीं है।
शर्मा ने यह भी बताया कि इन्हीं शिक्षकों में से वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नत हुए कार्मिकों के द्वितीय एसीपी प्रकरण संयुक्त निदेशक कार्यालय द्वारा पूर्व में ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। ऐसे में तृतीय एसीपी प्रकरणों में भी पूर्व में जारी आदेशों और तत्कालीन प्रशासनिक व्यवस्था को आधार मानकर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने मांग की है कि ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी द्वारा पूर्व में जारी आदेशों को सक्षम अधिकारी के आदेश मानते हुए वरिष्ठ अध्यापकों के लंबित तृतीय एसीपी प्रकरणों पर लगाए गए अनावश्यक आक्षेप हटाए जाएं और सभी पात्र शिक्षकों को तृतीय एसीपी की स्वीकृति जारी कर राहत प्रदान की जाए।